रविवार को बैंकों की छुट्टी कैंसिल: 27 सितंबर को खुलेंगे देश के सभी सरकारी बैंक, RBI ने दी विशेष मंजूरी; जानिए ग्राहकों के लिए क्या है खास

रविवार को बैंकों की छुट्टी कैंसिल: 27 सितंबर को खुलेंगे देश के सभी सरकारी बैंक, RBI ने दी विशेष मंजूरी; जानिए ग्राहकों के लिए क्या है खास

नई दिल्ली। सामान्य तौर पर रविवार का दिन पूरे बैंकिंग तंत्र के लिए साप्ताहिक अवकाश का दिन होता है, लेकिन इस बार आगामी 27 सितंबर को देश के सरकारी बैंकों के दरवाजे खुले रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने एक असाधारण और महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए सरकारी कामकाज का संचालन करने वाले सभी नामित बैंकों को रविवार के दिन भी अपनी शाखाएं खुली रखने का औपचारिक निर्देश जारी किया है। केंद्रीय बैंक की ओर से जारी इस विशेष मंजूरी के बाद देश भर के प्रमुख सरकारी बैंकों और एजेंसी बैंकों (Agency Banks) में सामान्य कार्यदिवसों की तरह कामकाज होगा।

अमूमन वित्तीय वर्ष की समाप्ति यानी 31 मार्च को ही रविवार या सार्वजनिक अवकाश के दिन बैंकों को खोले जाने की परंपरा रही है। हालांकि, मौजूदा वित्तीय वर्ष के प्रथम छह महीनों की समाप्ति (Half-Yearly Closing), सरकारी राजस्व समायोजन और आगामी बैंकिंग व्यवस्थाओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह फैसला लिया है ताकि सरकार के कर संग्रह, चालान जमा और वित्तीय निकासी से जुड़े कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

आरबीआई ने क्यों लिया रविवार को बैंक खोलने का दुर्लभ फैसला?

बैंकिंग प्रणाली में सितंबर का अंतिम सप्ताह अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। 30 सितंबर को चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही (H1) समाप्त हो रही है। इस दौरान केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के कई महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्य, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों का तिमाही समायोजन और ट्रेजरी लेन-देन की समयसीमा निर्धारित होती है।

आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस कदम के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. सरकारी राजस्व और कर संग्रह (Government Business & Tax Receipts): सितंबर तिमाही के अंत में एडवांस टैक्स, जीएसटी (GST) चालान और सीमा शुल्क (Customs Duty) के भारी लेन-देन होते हैं। यदि रविवार का अवकाश होता, तो चालू तिमाही के राजस्व आंकड़ों के मिलान में तकनीकी रुकावट आ सकती थी।

  2. अर्धवार्षिक लेखा-जोखा (Half-Yearly Financial Accounting): 30 सितंबर की क्लोजिंग से ठीक पहले बैंकों को अपने खातों, ब्याज गणनाओं और सरकारी ट्रेजरी शेष का मिलान करना अनिवार्य होता है।

  3. महीने के अंतिम दिनों में संभावित बाधाओं से बचाव: महीने के अंतिम दिनों में प्रस्तावित बैंक यूनियनों की हड़ताल और तकनीकी मेंटेनेंस के चलते आम जनता व सरकारी विभागों के लेन-देन अटकने का जोखिम था। अतिरिक्त कार्यदिवस मिलने से बैंकिंग सर्वर पर लोड संतुलित रहेगा।

क्या आम ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध होंगी सेवाएं?

इस खबर के सामने आने के बाद आम बैंक ग्राहकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या वे 27 सितंबर को अपने सामान्य व्यक्तिगत कार्यों के लिए बैंक जा सकते हैं। आरबीआई के स्पष्टीकरण के अनुसार:

  • सरकारी लेन-देन प्राथमिकता: यह विशेष व्यवस्था मुख्य रूप से सरकारी खातों (Central and State Government Accounts), टैक्स चालान जमा करने, पेंशन कागजी कार्रवाई और ट्रेजरी से जुड़े कार्यों के लिए बनाई गई है।

  • एजेंसी बैंकों की सभी नामित शाखाएं सक्रिय: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) और केनरा बैंक सहित वे सभी बैंक जो सरकार के अधिकृत एजेंट के रूप में काम करते हैं, उनके काउंटर चालू रहेंगे।

  • नकद जमा और निकासी: नामित शाखाओं में सरकारी चालान के साथ-साथ आवश्यक काउंटर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। हालांकि, सामान्य गैर-सरकारी व्यक्तिगत लोन अप्रूवल, नई चेकबुक जारी करने या पासबुक प्रिंटिंग जैसी नियमित सेवाओं के लिए कर्मियों की सीमित उपलब्धता रह सकती है।

  • डिजिटल सेवाएं निर्बाध: यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं हमेशा की तरह 24x7 पूरी तरह चालू रहेंगी। आरटीजीएस (RTGS) और एनईएफटी (NEFT) के सरकारी सेटलमेंट चक्र को भी आरबीआई द्वारा विशेष रूप से खुला रखा जाएगा।

कर्मचारियों के लिए मुआवजा और आगामी छुट्टियों का समीकरण

रविवार को शाखाएं खोले जाने के बदले बैंक प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को नियमानुसार 'कंपनसेटरी ऑफ' (Compensatory Off) या अतिरिक्त कार्य दिवस का वित्तीय भत्ता दिया जाएगा। बैंक यूनियनों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है ताकि परिचालन में किसी प्रकार का गतिरोध न हो।

27 सितंबर को सरकारी बैंक खुलने के बाद 28 से 30 सितंबर के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि महीने के अंतिम दिनों में चेक क्लियरिंग और इंटर-बैंक ट्रांजैक्शंस में व्यस्तता अपने चरम पर होगी। इसलिए जिन नागरिकों, व्यापारियों या करदाताओं को पहली छमाही से संबंधित कोई भी चालान या सरकारी भुगतान पूरा करना है, उनके लिए रविवार (27 सितंबर) का यह कार्यदिवस एक बेहतरीन अवसर साबित होगा।