ट्रंप के एक फैसले से भारतीय दवा बाजार में हड़कंप! इन 3 बड़े फार्मा शेयरों में भारी गिरावट, जानें वजह

ट्रंप के एक फैसले से भारतीय दवा बाजार में हड़कंप! इन 3 बड़े फार्मा शेयरों में भारी गिरावट, जानें वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के एक नए नीतिगत ऐलान ने भारतीय शेयर बाजार, विशेषकर फार्मा सेक्टर (Pharmaceutical Sector) में तहलका मचा दिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा आयातित जेनेरिक दवाओं (Generic Medicines) पर एक सख्त और चरणबद्ध टैरिफ प्लान (Import Tariff Roadmap) की घोषणा के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड दिग्गज दवा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही ग्लेनमार्क (Glenmark), बायोकॉन (Biocon) और ऑरोबिंदो फार्मा (Aurobindo Pharma) जैसी कंपनियों के शेयर 3 से 4 प्रतिशत तक टूट गए।

ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट और नया टैरिफ प्लान

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका में जेनेरिक दवाओं के घरेलू उत्पादन (Reshore Generic Production) को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

ट्रंप के नए प्लान के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 से अगले दो सालों के लिए अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर कोई आयात शुल्क (Zero Percent Tariff) नहीं लगेगा। लेकिन असली झटका इसके बाद शुरू होगा। अगस्त 2028 से इस टैरिफ को बढ़ाकर सीधे 100% कर दिया जाएगा और उसके अगले साल यानी अगस्त 2029 से यह बढ़कर 200% हो जाएगा। हालांकि, पेटेंट और ब्रांडेड दवाओं पर मौजूदा नीतियां पहले की तरह ही बनी रहेंगी।

भारतीय दवा कंपनियों में क्यों मची है भगदड़?

भारत को दुनिया की "फार्मेसी" (Pharmacy of the World) कहा जाता है। अमेरिकी बाजार में बिकने वाली लगभग 40% से अधिक जेनेरिक दवाएं भारत से ही निर्यात की जाती हैं। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर (करीब 81 हजार करोड़ रुपये) की दवाओं का निर्यात किया था, जो भारत के कुल वैश्विक फार्मा निर्यात का 38% हिस्सा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही इस फैसले को लागू होने में अभी दो साल का वक्त है, लेकिन निवेशकों को डर है कि लंबे समय में भारतीय कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर इसका गहरा असर पड़ेगा। कंपनियों को या तो भारी टैक्स चुकाना होगा या फिर अमेरिका में ही भारी-भरकम निवेश कर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने होंगे।

शेयर बाजार का हाल: निफ्टी फार्मा सबसे ज्यादा टूटा

इस खबर के आते ही दलाल स्ट्रीट पर फार्मा शेयरों को बेचने की होड़ मच गई। शेयर बाजार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 'निफ्टी फार्मा इंडेक्स' (Nifty Pharma Index) करीब 2% तक लुढ़ककर सुबह के कारोबार में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ऑरोबिंदो फार्मा का शेयर सबसे ज्यादा 4.13% तक नीचे आ गया। वहीं, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के शेयर में 3.26% और बायोकॉन के शेयरों में 3.18% की बड़ी गिरावट देखी गई। बाजार की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे सिप्ला (Cipla) 2.54%, सन फार्मा (Sun Pharma) 1.91% और डॉ. रेड्डीज लैब (Dr Reddy's) में भी करीब 1.86% की गिरावट दर्ज की गई।

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