BSNL 4G Rollout : टाटा समूह के साथ मिलकर बिछाया स्वदेशी नेटवर्क, 96,000 से अधिक साइट्स हुई लाइव
News India Live, Digital Desk: सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) देश में अपनी 4G सेवाओं के विस्तार को लेकर एक बड़े मील के पत्थर तक पहुँच गई है। टाटा समूह (Tata Group) के सहयोग से BSNL ने पूरे भारत में 96,000 से अधिक स्वदेशी 4G साइट्स को सफलतापूर्वक चालू (Operational) कर दिया है। यह कदम न केवल डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी नई ऊंचाई देगा।
BSNL और टाटा ग्रुप की साझेदारी: मुख्य हाइलाइट्स
BSNL ने निजी टेलीकॉम कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए टाटा की कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है:
TCS और Tejas Networks की भूमिका: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और तेजस नेटवर्क्स ने मिलकर BSNL के लिए पूरी तरह से 'स्वदेशी 4G स्टैक' तैयार किया है। इसमें रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) और कोर इक्विपमेंट शामिल हैं।
तेजी से विस्तार: रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों नई साइट्स जोड़ी जा रही हैं। लक्ष्य जल्द ही 1 लाख साइट्स के आंकड़े को पार करना है।
5G के लिए भी तैयार: सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी 96,000 साइट्स '5G रेडी' हैं। यानी भविष्य में एक सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इन्हें 5G में बदला जा सकेगा।
आम यूजर्स को क्या होगा फायदा?
बेहतर नेटवर्क कवरेज: ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहाँ निजी कंपनियों का सिग्नल कमजोर है, वहां BSNL का 4G अब मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
सस्ते प्लान्स: बाजार में टैरिफ बढ़ोतरी के बीच, BSNL अब भी अपने ग्राहकों को किफायती दाम पर डेटा और कॉलिंग की सुविधा दे रहा है।
कॉल ड्रॉप में कमी: नई और आधुनिक स्वदेशी तकनीक के आने से नेटवर्क की स्थिरता (Stability) बढ़ी है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा काम हुआ
BSNL की यह 4G लहर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम), बिहार, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सबसे अधिक सक्रिय है। तमिलनाडु और कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में भी टाटा के सहयोग से तेजी से टॉवर लगाए जा रहे हैं।
BSNL का अगला लक्ष्य क्या है?
बोर्ड का लक्ष्य जून 2026 तक पूरे भारत में 4G सेवाओं का पूर्ण रोलआउट सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, कई चुनिंदा सर्किलों में 5G का परीक्षण (Testing) भी समानांतर रूप से शुरू किया जा चुका है।