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March 14 2026 11:21 am

Bollywood Controversy : द केरला स्टोरी 2 पर स्वरा भास्कर का तीखा प्रहार, फिल्म को बताया नफरत फैलाने वाला एजेंडा

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News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर, जो अक्सर अपने बेबाक राजनीतिक और सामाजिक बयानों के लिए चर्चा में रहती हैं, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर है हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'द केरला स्टोरी 2'। स्वरा ने फिल्म के कंटेंट और उसके चित्रण के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

स्वरा भास्कर के बयान की मुख्य बातें

स्वरा भास्कर ने फिल्म की आलोचना करते हुए इसे एक खास समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाला 'प्रोपेगेंडा' करार दिया है:

समुदाय का चित्रण: स्वरा का आरोप है कि फिल्म में एक पूरे समुदाय (मुसलमानों) को 'राक्षस' (Monsters) के रूप में पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि कला का इस्तेमाल समाज को जोड़ने के लिए होना चाहिए, न कि नफरत और विभाजन पैदा करने के लिए।

सत्यता पर सवाल: अभिनेत्री ने फिल्म में दिखाए गए आंकड़ों और कहानियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि ऐसी फिल्में हकीकत से कोसों दूर होती हैं और केवल चुनावी या राजनीतिक लाभ के लिए बनाई जाती हैं।

सिनेमा का गिरता स्तर: उन्होंने दुख जताया कि वर्तमान में बॉलीवुड का एक हिस्सा ऐसी कहानियों को प्राथमिकता दे रहा है जो समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

क्या है 'द केरला स्टोरी 2' का विवाद?

सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी यह फिल्म 'द केरला स्टोरी' का सीक्वल है। फिल्म के पहले भाग ने भी रिलीज के समय भारी विवाद और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता बटोरी थी।

विषय: फिल्म में कथित तौर पर कट्टरपंथ, धर्मांतरण और आतंकवाद के उन पहलुओं को दिखाने का दावा किया गया है जो केरल और उसके आसपास के क्षेत्रों से जुड़े हैं।

विरोध और समर्थन: जहाँ एक तरफ फिल्म के मेकर्स इसे 'कड़वी सच्चाई' बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आलोचक इसे 'इस्लामोफोबिक' (Islamophobic) कंटेंट बताकर इसका विरोध कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

स्वरा भास्कर के इस बयान के बाद इंटरनेट दो गुटों में बंट गया है:

समर्थक: कई लोग स्वरा की हिम्मत की दाद दे रहे हैं और मान रहे हैं कि सिनेमा को नफरत का जरिया नहीं बनना चाहिए।

आलोचक: वहीं, फिल्म के समर्थकों का कहना है कि स्वरा हमेशा हिंदू धर्म या देश से जुड़ी फिल्मों का विरोध करती हैं और उन्हें सच्चाई स्वीकार करने में परेशानी होती है।