बिहार में BJP का सबसे बड़ा चुनावी दांव, PM मोदी और अमित शाह की जोड़ी करेगी ताबड़तोड़ रैलियां

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News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली 'मेगा प्लान' तैयार कर लिया है. इस बार पार्टी किसी भी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. इसीलिए, चुनाव प्रचार की कमान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दिग्गज जोड़ी ने संभाल ली है. ये दोनों नेता मिलकर बिहार में धुआंधार रैलियां करने वाले हैं, जिसका मकसद सिर्फ़ एनडीए के पक्ष में माहौल बनाना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नया जोश फूंकना भी है.

PM मोदी करेंगे 12 रैलियों से चुनावी शंखनाद

पार्टी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में लगभग 10 से 12 विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे. उनके चुनावी अभियान की शुरुआत 24 अक्टूबर को समस्तीपुर की धरती से होगी.खास बात यह है कि पीएम मोदी अपने अभियान का आगाज़ समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के गांव 'कर्पूरीग्राम' से करेंगे, जहां वे उन्हें श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद वे बेगूसराय में भी जनसभा करेंगे.

प्रधानमंत्री के दौरे को कई चरणों में बांटा गया है. उनकी रैलियां 24 और 28 अक्टूबर के अलावा 1 और 3 नवंबर को भी प्रस्तावित हैं. इन रैलियों के ज़रिए पीएम मोदी समस्तीपुर, बेगूसराय, छपरा, मुजफ्फरपुर, पटना, दरभंगा, सासाराम, गया और भागलपुर जैसे कई अहम इलाक़ों को कवर करेंगे.

अमित शाह ने संभाला मोर्चा, करेंगे 25 से ज़्यादा जनसभाएं

एक तरफ़ जहां पीएम मोदी का तूफ़ानी दौरा होगा, वहीं दूसरी ओर बीजेपी के 'चाणक्य' कहे जाने वाले अमित शाह उनसे भी ज़्यादा सक्रिय भूमिका में नज़र आएंगे. जानकारी के मुताबिक, अमित शाह बिहार में 25 से भी ज़्यादा रैलियां और जनसभाएं करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने पटना में बुद्धिजीवियों के एक सम्मेलन को संबोधित करके अपने अभियान की शुरुआत भी कर दी है, जहां उन्होंने नीतीश-मोदी सरकार के विकास कार्यों को गिनवाया और लालू यादव के शासनकाल को 'जंगलराज' बताकर निशाना साधा.

मुख्यमंत्रियों की फ़ौज और 150 वकीलों की टीम

बीजेपी का यह 'मेगा प्लान' सिर्फ़ मोदी-शाह की रैलियों तक ही सीमित नहीं है. पार्टी ने अपने 12 मुख्यमंत्रियों की एक बड़ी फ़ौज भी प्रचार के लिए उतारने की तैयारी की है. इसके अलावा, उम्मीदवारों के नामांकन में कोई क़ानूनी अड़चन न आए, इसके लिए 150 वकीलों का एक पैनल भी बनाया गया है. यह सारी तैयारी दिखाती है कि बीजेपी इस चुनाव को कितनी ज़्यादा गंभीरता से ले रही है.

इस बड़े चुनावी अभियान के ज़रिए बीजेपी बिहार के हर कोने तक अपनी पहुंच बनाना चाहती है. मोदी और शाह की जोड़ी की यह ताबड़तोड़ रैलियां एनडीए की ज़मीनी पकड़ को और मज़बूत करने का काम करेंगी.