बांकीपुर उपचुनाव: टिकट बंटवारे पर महागठबंधन में मची भारी रार! RJD और कांग्रेस के बीच आर-पार की जंग, किसका पलड़ा भारी
बिहार की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली पटना की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की तारीखों के नजदीक आते ही सूबे की सियासत में जबरदस्त उबाल आ गया है। इस वीआईपी सीट पर विपक्षी खेमे के 'महागठबंधन' के अंदर उम्मीदवारी को लेकर अंदरूनी कलह और घमासान खुलकर सड़क पर आ गया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां इस सीट पर अपना-अपना पुराना और मजबूत दावा पेश कर रही हैं, जिससे सीट शेयरिंग के फार्मूले पर आम सहमति बनना फिलहाल टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
सीट पर RJD और कांग्रेस के अपने-अपने ठोस सियासी तर्क
इस विवाद की मुख्य वजह दोनों पार्टियों का अपना-अपना पुराना वोट बैंक और राजनीतिक रसूख है। कांग्रेस का मानना है कि बांकीपुर शहरी इलाका है और पारंपरिक रूप से यहां उनके समर्थकों की संख्या अच्छी-खासी रही है, इसलिए यह सीट उनके खाते में ही जानी चाहिए। दूसरी तरफ, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का तर्क है कि मौजूदा जमीनी हकीकत और पार्टी के मजबूत कैडर बेस को देखते हुए केवल आरजेडी ही यहां सत्ताधारी गठबंधन को कड़ी टक्कर देकर जीत दर्ज कर सकती है। दोनों दलों की इस जिद ने आलाकमान की सिरदर्दी बढ़ा दी है।
अंदरूनी खींचतान से बीजेपी और एनडीए गठबंधन को फायदा होने की उम्मीद
महागठबंधन के इस आंतरिक विवाद और खींचतान का सीधा असर कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ता दिख रहा है। राजनीतिक पंडितों का विश्लेषण है कि अगर आरजेडी और कांग्रेस के बीच जल्द ही इस सीट को लेकर समझौता नहीं हुआ, तो इसका सीधा चुनावी फायदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और बीजेपी को मिल सकता है। विपक्षी खेमे में जारी इस रार के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि वे किस उम्मीदवार के लिए जमीन पर जाकर प्रचार शुरू करें।
एआई सर्च और सोशल मीडिया पर छाया बिहार का यह सियासी दंगल
इस समय डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर बांकीपुर उपचुनाव में महागठबंधन के संभावित प्रत्याशी को लेकर यूजर्स लगातार जानकारियां खोज रहे हैं। पटना के लोकल वोटर्स के बीच इस बात की भारी उत्सुकता है कि तेजस्वी यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेता इस गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या नया रास्ता निकालते हैं। आने वाले कुछ दिन बिहार की इस बगावती सियासत के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।