MLC चुनाव में RJD की जीत से गदगद तेजस्वी का NDA पर बड़ा हमला, बोले- 'बैलेट पेपर से चुनाव हों तो कहीं नहीं टिकेगी BJP'
बिहार की राजनीति में भोजपुर-बक्सर एमएलसी उपचुनाव के नतीजों ने एक नई गर्माहट ला दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी सोनू राय की शानदार जीत के बाद पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पूरे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इस जीत से उत्साहित तेजस्वी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए गठबंधन पर जोरदार जुबानी हमला बोला है। उन्होंने एक बार फिर ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने देश भर में हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।
उपचुनाव में राजद ने फहराया परचम, जदयू को दी मात
गौरतलब है कि मंगलवार को हुए भोजपुर-बक्सर एमएलसी चुनाव की बुधवार को मतगणना हुई। इसमें राजद के उम्मीदवार सोनू राय ने सत्तारूढ़ जदयू के कन्हैया प्रसाद को 359 वोटों से करारी शिकस्त दी। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद किसी उपचुनाव में राजद की यह पहली बड़ी जीत है। इस नतीजे के आते ही पटना स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल छा गया और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं।
ईवीएम पर फिर उठे सवाल, 'छल-कपट' का लगाया आरोप
अपनी पार्टी की इस जीत के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि हम शुरू से यही बात कह रहे हैं कि अगर आज देश और प्रदेश में बैलेट पेपर से वोटिंग हो जाए, तो बीजेपी और एनडीए कहीं टिकने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव में राजद ने पोस्टल बैलेट के जरिए 150 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने 'तंत्र, यंत्र, षड्यंत्र और छल-कपट' के जरिए उन्हें हरा दिया। तेजस्वी ने सवाल दागा कि जब ईवीएम से होने वाली गिनती में भी देर रात तक का समय लग जाता है, तो फिर लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता?
पेपर लीक और 23 लाख छात्रों के भविष्य पर सरकार को घेरा
राजनीतिक जीत के अलावा तेजस्वी यादव ने देश में चल रहे पेपर लीक के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। 2026 की परीक्षा रद्द होने और 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ पर उन्होंने सख्त ऐतराज जताया। तेजस्वी ने सवाल पूछा कि क्या बीजेपी सरकार के पास इतनी भी प्रशासनिक क्षमता और इच्छाशक्ति नहीं है कि वह एक परीक्षा बिना धांधली के आयोजित करवा सके?
प्रधानमंत्री से सीधा सवाल: क्या आपने नुकसान का आकलन किया?
नेता प्रतिपक्ष ने पेपर लीक की जांच को महज एक 'दिखावा' करार देते हुए सरकार को आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने पूछा कि जब 23 लाख छात्र दोबारा परीक्षा देने के लिए देश के 552 शहरों के केंद्रों पर जाएंगे, तो पेट्रोल-डीजल की बर्बादी के साथ-साथ उनके परिजनों को जो शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट होगा, क्या प्रधानमंत्री ने उसका कोई मूल्यांकन किया है? तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ जुबानी बातें करने से देश नहीं चलता, शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।