बिहार में जमीन विवाद खत्म करने के लिए चलेगा महाअभियान सीएम सम्राट चौधरी का निर्देश

बिहार में जमीन विवाद खत्म करने के लिए चलेगा महाअभियान सीएम सम्राट चौधरी का निर्देश

बिहार में प्रशासनिक सुधार और जमीन से जुड़े विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। प्रदेश में अब भूमि सर्वेक्षण (Land Survey), लंबित परिमार्जन (Parimarjan) और जमाबंदी के मामलों का निपटारा करने के लिए एक विशेष महाअभियान चलाया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने इस बाबत अधिकारियों को कड़े और आवश्यक निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सरकार के इस बड़े फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने बेहद संजीदगी से कहा कि राज्य में होने वाली अधिकांश हत्याओं और अपराधों के पीछे मुख्य वजह भूमि विवाद (Land Dispute) ही है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने अब भूमि सर्वे का काम युद्ध स्तर पर और जल्द से जल्द पूरा करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

भूमि सर्वे से अपराध और हत्याओं के मामलों में आएगी भारी कमी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि भूमि सर्वेक्षण का काम महज एक रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि इसे एक विशेष अभियान के रूप में चलाकर समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। सरकार का मानना है कि जैसे ही राज्य में जमीन का सर्वे डिजिटल और पारदर्शी तरीके से पूरा होगा, वैसे ही जमीनी दावों को लेकर होने वाले आपसी विवाद पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। जमीन विवाद कम होने का सीधा और सकारात्मक असर राज्य की कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा और अपराध व हत्याओं के ग्राफ में भारी गिरावट आएगी। सीएम ने विभाग के सभी लंबित कार्यों को फाइलों से निकालकर जमीन पर पूरा करने के लिए पहली बार विभाग को कुछ अत्यंत अनुभवी और वरीय अधिकारी भी सौंपे हैं।

राजस्व विभाग के इतिहास में पहली बार लिया गया ऐतिहासिक फैसला

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सुधारों को लेकर इस बार कुछ ऐसे फैसले लिए गए हैं जो विभाग के इतिहास में पहली बार हुए हैं। हाल ही में हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारी लंबे समय से अनुमंडल (Subdivision) स्तर पर अपनी पोस्टिंग और डीसीएलआर (DCLR) के पद पर तैनाती की मांग कर रहे थे। अधिकारियों की इस मांग और कार्यकुशलता को देखते हुए विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है:

  • अनुमंडल स्तर पर कमान: विभाग ने पहली बार पे-लेवल 11 के उन 18 सक्षम अधिकारियों को अनुमंडल स्तर पर राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) बनाया है, जो अभी तक केवल अंचलाधिकारी (CO) के पद पर ही सीमित रहकर काम कर रहे थे।

  • DCLR की शक्तियां: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर इन सभी 18 अधिकारियों को अनुमंडल स्तर पर डीसीएलआर (DCLR) के रूप में कार्य करने की विधिक शक्तियां सौंप दी हैं।

  • जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की जिम्मेदारी: इसके साथ ही, एक और बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए पहली बार राज्य के 16 योग्य राजस्व अधिकारियों को सीधे जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (District Land Acquisition Officer - DLAO) की बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

정부(राज्य सरकार) के इस कदम से न सिर्फ अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही नाराजगी दूर हुई है, बल्कि अब जमीन सर्वे, भूमि अधिग्रहण और राजस्व से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग जिला और अनुमंडल स्तर पर बेहद मजबूत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी।

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