Bihar Politics: बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाने पर भड़के आनंद मोहन, टीम निशांत और जेडीयू पर निकाला गुस्सा
बिहार की सियासत में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन के बयानों ने एक बार फिर जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई सरकार (सम्राट चौधरी कैबिनेट) में अपने विधायक बेटे चेतन आनंद को मंत्री पद न मिलने से नाराज आनंद मोहन का दर्द अब खुले मंच से छलक उठा है।
सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व और कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे 'थैली की पार्टी' तक कह डाला। आइए जानते हैं कि इस सियासी नाराजगी के पीछे की असली वजह और 'टीम निशांत' का क्या कनेक्शन है।
"नीतीश कुमार को चंडाल चौकड़ी ने घेरा, थैली वाले बने मंत्री"
आनंद मोहन ने जेडीयू के वर्तमान सिस्टम पर हमला बोलते हुए कई तीखे और हैरान करने वाले दावे किए:
-
सरकार बचाने वाले को क्या मिला?: आनंद मोहन ने कहा कि साल 2024 के फ्लोर टेस्ट (विश्वासमत) के दौरान जब नीतीश सरकार संकट में थी, तब चेतन आनंद ने आरजेडी का साथ छोड़कर नीतीश कुमार की सरकार बचाई थी। नियम तो यह है कि 'जो सरकार बचाएगा, वही सरकार चलाएगा', लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
-
थैली की राजनीति का आरोप: उन्होंने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, "जो थैली पहुंचाया (पैसे दिए) वह मंत्री बन गया।" हालांकि, उन्होंने इस मामले में भाजपा (BJP) को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वे भाजपा को दोष नहीं देंगे क्योंकि हर पार्टी अपना एकाधिकार चाहती है।
-
नीतीश कुमार को 'जिंदा दफन' करने का दावा: बाहुबली नेता ने जेडीयू के कुछ करीबियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार को आज 'चंडाल चौकड़ी' ने घेर रखा है। उन्हें पोस्टर और बैनर से गायब करके एक तरह से जिंदा दफन कर दिया गया है। यह एनडीए (NDA) को डुबोने की तैयारी है।
क्या है 'टीम निशांत' का कनेक्शन और क्यों चूके चेतन आनंद?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आनंद मोहन की इस कसक के पीछे 'टीम निशांत' (नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की कोर टीम) से जुड़ी उम्मीदें थीं:
-
कैबिनेट से पहले चर्चा: सम्राट चौधरी कैबिनेट के गठन से पहले बिहार की राजनीति में युवाओं की एक विशेष टीम 'टीम निशांत' की भारी चर्चा थी। माना जा रहा था कि इस कोर टीम के युवा चेहरों को नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी।
-
टीम के प्रमुख सदस्य: इस टीम में चेतन आनंद के अलावा कोमल सिंह, राहुल सिंह, अतिरेक कुमार, रुहैल रंजन और नचिकेता मंडल जैसे कद्दावर युवा नेता शामिल थे।
-
सिर्फ निशांत को मिली जगह: कैबिनेट विस्तार के बाद इस पूरी टीम में से केवल निशांत कुमार को ही सरकार में शामिल किया गया और उन्हें बिहार का नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। रेस में सबसे आगे होने के बावजूद चेतन आनंद का पत्ता कट गया।
क्या श्रेयसी सिंह की वजह से कटा चेतन का पत्ता?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चेतन आनंद को कैबिनेट में जगह न मिलने के पीछे जातीय समीकरण (Caste Equations) भी एक बड़ा कारण रहा। नई सरकार में राजपूत कोटे के चेहरों को शामिल करने की एक सीमित संख्या (बर्थ) तय थी।
चर्चा है कि भाजपा की ओर से श्रेयसी सिंह को कैबिनेट में शामिल किए जाने के बाद राजपूत चेहरों का कोटा और समीकरण पूरा हो गया था। इस वजह से जेडीयू और एनडीए गठबंधन के रणनीतिकारों ने चेतन आनंद के नाम को अंतिम सूची से बाहर कर दिया, जो अब आनंद मोहन और जेडीयू के बीच बड़े बखेड़े की वजह बन चुका है