बिहार में जमीन का पुराना दस्तावेज (केवाला) ऑनलाइन कैसे निकालें? घर बैठे डाउनलोड करें 50-100 साल पुराना रिकॉर्ड, जानें पूरी प्रक्रिया

बिहार में जमीन का पुराना दस्तावेज (केवाला) ऑनलाइन कैसे निकालें? घर बैठे डाउनलोड करें 50-100 साल पुराना रिकॉर्ड, जानें पूरी प्रक्रिया

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहले पूर्वजों के समय का 50 से 100 साल पुराना केवाला (Deed Document), खतियान या रजिस्टर्ड डीड की प्रमाणित प्रति निकलवाने के लिए लोगों को जिला निबंधन कार्यालय (Registry Office) या अंचल कार्यालय के महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सरकार ने पुरानी और नई सभी रजिस्टर्ड डीड्स का डिजिटल रिकॉर्ड 'भूमि जानकारी' (Bhumijankari) पोर्टल पर लाइव कर दिया है। इसके जरिए राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से पुरानी जमीन का केवाला, खाता-खेसरा विवरण और डीड की कॉपी आसानी से देख और पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकता है।

पुराना केवाला ऑनलाइन सर्च करने के लिए जरूरी जानकारियां

डिजिटल पोर्टल पर दस्तावेज खोजने के लिए आपके पास नीचे दी गई जानकारियों में से कुछ बुनियादी विवरण होने चाहिए:

  • संबंधित जिले (District) का नाम

  • निबंधन कार्यालय (Registration Office / SRO) का नाम

  • अंचल (Circle) और मौजा (Village/Mauza) का नाम

  • जमीन का खाता नंबर (Khata No.) या खसरा/प्लॉट नंबर (Khesra/Plot No.)

  • डीड नंबर (Deed No.) या निबंधन का वर्ष (Registration Year - यदि याद हो)

  • जमीन के क्रेता (Buyer) या विक्रेता (Seller) का नाम

स्टेप-बाय-स्टेप: 'भूमि जानकारी' पोर्टल से ऐसे डाउनलोड करें पुराना दस्तावेज

स्टेप 1: आधिकारिक निबंधन पोर्टल पर जाएं सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र में बिहार सरकार के निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट bhumijankari.bihar.gov.in खोलें।

स्टेप 2: 'View Registered Document' का विकल्प चुनें होमपेज पर उपलब्ध सेवाओं की सूची में से 'View Registered Document' या 'Search Document' वाले विकल्प पर क्लिक करें।

स्टेप 3: समय सीमा (Year Phase) का सही चुनाव करें स्क्रीन पर रिकॉर्ड सर्च करने के तीन अलग-अलग विकल्प दिखाई देंगे:

  • Online Registration (2016 To Till Date): 2016 के बाद के नए दस्तावेजों के लिए।

  • Post Computerisation (2006 To 2015): 2006 से 2015 के बीच के दस्तावेजों के लिए।

  • Pre-Computerisation (Before 2006): 2006 से पहले के पुराने और पुश्तैनी दस्तावेजों के लिए। अपने रिकॉर्ड के हिसाब से संबंधित रेडियो बटन को चुनें।

स्टेप 4: लोकेशन और जमीन का विवरण दर्ज करें फॉर्म में अपना रजिस्ट्रेशन ऑफिस (Registration Office), अंचल, थाना कोड और मौजा का चयन करें। इसके बाद नीचे दिए गए सर्च विकल्पों में से खाता नंबर, प्लॉट नंबर या पार्टी का नाम भरें।

स्टेप 5: 'Search' पर क्लिक करें और रिजल्ट देखें विवरण भरने के बाद 'Search' बटन पर क्लिक करें। नीचे उस मौजा और खाते से जुड़े सभी रजिस्टर्ड दस्तावेजों की सूची आ जाएगी। इसमें डीड नंबर, रजिस्ट्री की तारीख, क्रेता-विक्रेता का नाम और कुल रकबा दिखाई देगा।

स्टेप 6: 'Click Here to View Details' और PDF डाउनलोड संबंधित दस्तावेज के सामने दिए गए 'View Details' या 'View Deed' विकल्प पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपके जमीन के पुराने केवाले की डिजिटल कॉपी खुल जाएगी, जिसे आप 'Print/Download' करके सुरक्षित रख सकते हैं।

पुराना खतियान और जमाबंदी निकालने का तरीका (बिहार भूमि पोर्टल)

यदि आपको जमीन का पुराना खतियान या वर्तमान जमाबंदी रजिस्टर (रजिस्टर-2) देखना है:

  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।

  • 'अपना खाता देखें' विकल्प पर क्लिक करके बिहार के नक्शे में अपने जिले और अंचल को चुनें।

  • अपने मौजा का चयन करके खाता नंबर, खेसरा नंबर या खातेदार के नाम से सर्च करें।

  • स्क्रीन पर पूरे खतियान का अधिकार अभिलेख प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे सीधे प्रिंट किया जा सकता है।

यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड न मिले तो 'नकल' (Certified Copy) कैसे प्राप्त करें?

यदि आपका दस्तावेज बहुत अधिक पुराना है और अभी तक स्कैन होकर पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है:

  • नकलखाना (Record Room) में आवेदन: अपने संबंधित जिला रजिस्ट्री ऑफिस (SRO) के रिकॉर्ड रूम में जाकर 'फॉर्म-1' भरकर प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए आवेदन दें।

  • सर्च फीस का भुगतान: निर्धारित सरकारी खोज शुल्क (Search Fee) और स्टाम्प शुल्क जमा करने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड रूम से मूल बही-खाते (Volumed Register) से ढूंढकर अधिकृत मुहर लगी प्रमाणित प्रतिलिपि जारी कर दी जाती है।

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