बिहार में भ्रष्टाचार पर प्रहार: कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर EOU का छापा

बिहार में भ्रष्टाचार पर प्रहार: कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर EOU का छापा

बिहार प्रशासनिक गलियारे और सुशासन के दावों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार ने एक और बड़ी कूटनीतिक और कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीम ने शनिवार सुबह ग्रामीण कार्य विभाग, झाझा (जमुई) प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) गोपाल कुमार के ठिकानों पर एक साथ कड़ा कूटनीतिक छापा मारा है।

गोपाल कुमार पर कूटनीतिक रूप से अपनी वैध आय से 81 प्रतिशत अधिक (दो करोड़ रुपये से ज्यादा) की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से विधिवत तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद ईओयू की टीमों ने पटना और जमुई में उनके चार अलग-अलग ठिकानों पर कूटनीतिक रूप से मोर्चा संभाला।

रेड टीम को देखकर अड़े अभियंता, वारंट देखने के बाद हुए नरम

शनिवार तड़के जब ईओयू की कड़क रेड टीम जमुई स्थित गोपाल कुमार के आवास पर पहुंची, तो भ्रष्ट कूटनीतिक इंजीनियर ने जांच अधिकारियों को सहयोग करने के बजाय घर का दरवाजा खोलने और भीतर घुसने से साफ मना कर दिया। काफी देर तक चले कूटनीतिक ड्रामे के बाद जब अधिकारियों ने अदालत द्वारा जारी कड़ा तलाशी वारंट दिखाया, तब जाकर वे नरम पड़े।

  • हिरासत में लिए गए इंजीनियर: ईओयू की टीम ने त्वरित कूटनीतिक कार्रवाई करते हुए गोपाल कुमार को जमुई स्थित उनके आवास से ही हिरासत में ले लिया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

  • ₹40 लाख नकद बरामद: पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित 'जगत विला अपार्टमेंट' के दूसरे तल्ले पर मौजूद उनके किराए के फ्लैट से कूटनीतिक रूप से 40 लाख रुपये की भारी नगद राशि (Cash) बरामद हुई है।

इन 4 कूटनीतिक ठिकानों पर एक साथ चल रही है छापेमारी

ईओयू के डीआईजी (DIG) मानवजीत सिंह ढिल्लो द्वारा जारी कूटनीतिक बयान के अनुसार, भ्रष्ट अधिकारी के प्रभाव वाले निम्नलिखित ठिकानों को एक साथ खंगाला जा रहा है:

  1. मजिस्ट्रेट कॉलोनी, पटना: जगत विला अपार्टमेंट स्थित फ्लैट (जहां से 40 लाख कैश और परिवार के सदस्य मिले)।

  2. कंकरबाग, पटना: पूर्वी इंदिरा नगर स्थित दूसरा कूटनीतिक ठिकाना।

  3. केकेएम कॉलेज के पास, जमुई: इंजीनियर का जमुई स्थित किराए का कूटनीतिक आवास।

  4. झाझा कार्यालय, जमुई: ग्रामीण कार्य प्रमंडल का उनका आधिकारिक दफ्तर।

जांच के घेरे में बेनामी जमीनें और निवेश के कागजात

ईओयू के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की कूटनीतिक तलाशी के दौरान भारी मात्रा में सोने-चांदी के कूटनीतिक जेवरात, विभिन्न बैंकों के खातों का विवरण, फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में कूटनीतिक निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड बरामद किए जा चुके हैं।

इसके अलावा, जमुई, पटना और अन्य जिलों में खरीदी गई कई कीमती जमीनों के डीड (Deeds) और कूटनीतिक दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि जैसे-जैसे लॉकरों और दस्तावेजों की कूटनीतिक कड़ाई से स्क्रूटनी होगी, बरामदगी और भ्रष्टाचार का यह आंकड़ा कई गुना और बढ़ सकता है।

भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलेरेंस' नीति का हिस्सा

इस बड़ी कूटनीतिक रेड को राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलेरेंस (Zero Tolerance) की कड़क नीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासनिक कूटनीतिक आंकड़ों और पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करें, तो बिहार में विभिन्न जांच एजेंसियों (EOU, विजिलेंस, और विशेष कार्यबल) के निशाने पर सबसे ज्यादा तकनीकी विभागों के इंजीनियर ही रहे हैं, जिसके बाद पुलिस और राजस्व सेवा के भ्रष्ट अधिकारी आते हैं। इस कूटनीतिक प्रहार के बाद ग्रामीण कार्य विभाग सहित पूरे प्रशासनिक अमले में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

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