Bihar SIR : झारखंड में अब होगा वोटर्स का महा-सफाई अभियान, चंपाई सोरेन बोले- निकलेंगे लाखों फर्जी नाम
News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर वोटर लिस्ट को लेकर हलचल तेज़ होने वाली है! राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चंपाई सोरेन ने साफ शब्दों में कहा है कि बिहार की तर्ज पर अब झारखंड में भी वोटर्स की विशेष गहन जांच (Special Intensive Revision - SIR) 'निश्चित रूप से होगी'. उन्होंने दावा किया है कि जब यह जांच शुरू होगी, तो झारखंड में भी लाखों की संख्या में 'फर्जी वोटर्स' के नाम सामने आएंगे!
SIR क्यों है ज़रूरी? चंपाई सोरेन ने उठाए बड़े सवाल!
चंपाई सोरेन ने झारखंड में SIR की वकालत करते हुए बिहार में चल रही इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. बिहार में एसआईआर को लेकर विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं. चंपाई सोरेन ने बताया कि चुनाव आयोग ने बिहार में कुल 65 लाख वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटाए हैं, जिनमें से करीब 22 लाख मृत पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि 7 लाख से ज़्यादा ऐसे लोग थे जो एक से ज़्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड थे. ऐसे में चंपाई सोरेन ने पूछा कि बाकी बचे 35 लाख लोग कौन हैं, जो सामने नहीं आ रहे हैं?
'फर्जी वोटर्स से भर गई है वोटर लिस्ट'
पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि झारखंड में भी फर्जी वोटर्स की बड़ी संख्या है. उन्होंने कहा, "जब एसआईआर होगा, तो बड़ी संख्या में फर्जी वोटर्स का नाम झारखंड में भी सामने आएगा." उनका मानना है कि इस जांच से वोटर लिस्ट में सुधार होगा और वास्तविक मतदाताओं की पहचान हो पाएगी. चंपाई सोरेन के इस बयान से साफ है कि वह झारखंड में जल्द से जल्द एसआईआर शुरू कराना चाहते हैं.
क्या गरमाएगी झारखंड की सियासत?
जैसा कि बिहार में एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है, ऐसे में झारखंड में भी यह प्रक्रिया शुरू होने के बाद विवाद होना तय माना जा रहा है. विपक्ष इस जांच पर कई सवाल उठा सकता है और राजनीतिक पार्टियां एक बार फिर वोटर लिस्ट की शुद्धता को लेकर आमने-सामने आ सकती हैं. चंपाई सोरेन के दावे और SIR की संभावना झारखंड की चुनावी राजनीति में एक नया मुद्दा खड़ी कर सकती है.