Bihar Rajya Sabha 2026 : 5वीं सीट पर महामुकाबला क्या तेजस्वी और ओवैसी आएंगे साथ या NDA मारेगा बाजी
News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद यह पहला बड़ा शक्ति परीक्षण है। 243 सदस्यों वाली विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से NDA (202 विधायक) के पास 4 सीटें जीतने का स्पष्ट बहुमत है। लेकिन विपक्षी महाबंधन (35 विधायक) और अन्य छोटे दल (AIMIM के 5 और BSP का 1 विधायक) मिलकर पांचवीं सीट पर खेल बिगाड़ने की कोशिश में हैं।
1. जीत का गणित: 41 का आंकड़ा
बिहार में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कम से कम 41 प्रथम वरीयता (First Preference) वोटों की आवश्यकता है।
NDA की स्थिति: एनडीए के पास 202 विधायक हैं। 4 सीटें जीतने के बाद (41 × 4 = 164), उनके पास 38 वोट बचेंगे। पांचवीं सीट जीतने के लिए उन्हें केवल 3 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
महागठबंधन की स्थिति: आरजेडी, कांग्रेस और वामदलों के पास कुल 35 विधायक हैं। इन्हें अपनी कम से कम एक सीट बचाने के लिए 6 अतिरिक्त वोटों की दरकार है। [1.4, 4.3]
2. 'किंग मेकर' की भूमिका में ओवैसी और मायावती
विपक्ष के लिए सारा दारोमदार उन 6 विधायकों पर है जो महागठबंधन का हिस्सा नहीं हैं:
AIMIM (5 विधायक): असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने खेल दिलचस्प बना दिया है। प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने संकेत दिए हैं कि वे अपना उम्मीदवार उतार सकते हैं या आरजेडी से 'बदले' में समर्थन मांग सकते हैं।
BSP (1 विधायक): मायावती के एकमात्र विधायक सतीश यादव पर तेजस्वी यादव की नजर है।
IIP (1 विधायक): निर्दलीय जैसा रुख रखने वाले आईआईपी के विधायक भी निर्णायक होंगे। [1.4, 3.1]
3. विपक्ष के सामने दो रास्ते: 'सरेंडर' या 'संघर्ष'?
विपक्ष के पास फिलहाल दो ही विकल्प नजर आ रहे हैं:
रणनीति A (एकजुटता): यदि आरजेडी, कांग्रेस, वामदल, एआईएमआईएम और बसपा एक साथ आ जाएं, तो उनके पास कुल 41 वोट (35 + 5 + 1) हो जाएंगे। इस स्थिति में विपक्ष एक सीट आसानी से जीत सकता है।
रणनीति B (विखंडन): यदि ओवैसी और तेजस्वी के बीच सहमति नहीं बनी, तो एनडीए के लिए पांचवीं सीट पर कब्जा करना बेहद आसान हो जाएगा। [1.4, 4.5]
4. NDA का 'प्रॉब्लम ऑफ प्लेंटी'
जहाँ विपक्ष अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं एनडीए में उम्मीदवारों की लंबी कतार है:
JDU: रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पार्टी इन्हें बरकरार रख सकती है।
BJP: भाजपा अपने कोटे से पवन सिंह (भोजपुरी अभिनेता) या किसी पिछड़े वर्ग के चेहरे को भेज सकती है।
चिराग और कुशवाहा: चिराग पासवान अपनी मां रीना पासवान और उपेंद्र कुशवाहा अपने लिए या बेटे के लिए दावेदारी ठोक रहे हैं। [2.2, 2.4]