बिहार में रेल यातायात को और भी सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने दो नई रेल लाइनों के निर्माण की योजना बनाई है। इन नई रेल लाइनों में लहेरियासराय-सहरसा और दरभंगा-मुजफ्फरपुर रेल मार्ग शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में यातायात की गति में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, यात्री ट्रेनों की लेट लतीफी में भी कमी आएगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाली ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा सकेंगी।
लहेरियासराय-सहरसा नई रेललाइन का डीपीआर और निर्माण प्रक्रिया
लहेरियासराय से सहरसा के बीच नई रेललाइन के निर्माण के लिए मार्च 2024 में 2680 करोड़ रुपये का डीपीआर समस्तीपुर डीआरएम ऑफिस से रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने इसे अधिक राशि बताते हुए कुछ कटौती की मांग की और फिर नए डीपीआर को तैयार करने के लिए कहा। इसके बाद, नए बजट के अनुसार 20 प्रतिशत की कटौती करते हुए 2144 करोड़ रुपये का संशोधित डीपीआर तैयार किया गया। इस समय यह परियोजना अंतिम चरण में है। समस्तीपुर मंडल के मुख्य कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने इस पर पुष्टि करते हुए बताया कि डीपीआर में कमी करने के निर्देश दिए गए हैं और कंसल्टेंट एजेंसी ने नए सिरे से डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है।
यह उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2025 तक नया डीपीआर तैयार होकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया जाएगा। पहले डीपीआर में 98.250 किमी लंबी रेललाइन बनाने के लिए 12 बड़े पुल, 78 छोटे पुल, तीन रोड ओवरब्रिज और 85 अंडरपास बनाने की आवश्यकता का उल्लेख किया गया था। नए डीपीआर में इस संख्या में बदलाव किया गया है, और अब बड़े पुलों की संख्या 10, छोटे पुलों की संख्या 65 और रोड ओवरब्रिज व अंडरपास की संख्या में भी कमी की गई है।
दरभंगा-मुजफ्फरपुर नई रेललाइन की सर्वे रिपोर्ट और डीपीआर का इंतजार
वहीं, दूसरी ओर, दरभंगा से मुजफ्फरपुर के बीच 67.4 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन का सर्वे कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। इस रेल परियोजना के लिए रेलवे बोर्ड से डीपीआर बनाने के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। इस सर्वे की जिम्मेदारी रूड़की की एक निजी एजेंसी को सौंपी गई थी। इस नई रेललाइन का मार्ग लहेरियासराय स्टेशन होते हुए पंडासराय, डिलाही, कोलहंटा पटोरी, माधोपुर पंडौल, घोसहमा, विद्यारोज, सिलौत, नारायणपुर अनंत से होते हुए मुजफ्फरपुर जंक्शन तक जाएगा।
सर्वे रिपोर्ट में इस मार्ग पर 10 नए स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जो इस क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 2378 करोड़ रुपये है, जिसमें 27 क्रॉसिंग और 6 रेलवे पुल शामिल होंगे।