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April 30 2026 11:54 pm

Bihar Assembly : जब विधानसभा में शेर की तरह गरजे नीतीश विपक्ष से बोले खड़े होकर पीएम मोदी को सलाम ठोंको

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News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति और Nitish Kumar का गुस्सा... ये दोनों कब क्या रंग दिखा दें, कोई नहीं जानता। अभी हाल ही में विधानसभा सत्र (Bihar Assembly Session) के दौरान एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर सत्ता पक्ष गदगद है और विपक्ष पानी-पानी।

सदन में चर्चा चल रही थी, विपक्षी विधायक अपनी आदत के मुताबिक शोर-शराबा कर रहे थे और केंद्र सरकार (Central Government) से मिल रहे फंड पर सवाल उठा रहे थे। बस फिर क्या था! 'सुशासन बाबू' का पारा चढ़ गया और उन्होंने भरी महफिल में विपक्ष को ऐसा हड़काया कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

आइए, आपको एकदम आसान भाषा में बताते हैं कि आखिर सदन के अंदर हुआ क्या था।

"अरे तुम लोग क्या जानते हो?"

कहानी तब शुरू हुई जब विपक्षी दलों (RJD और अन्य) ने विकास कार्यों और फंड को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष का कहना था कि केंद्र बिहार की अनदेखी कर रहा है।

यह सुनते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने उंगली दिखाते हुए विपक्ष से कहा, "अरे हल्ला क्यों कर रहे हो? तुम लोग क्या जानते हो? आज बिहार में जो कुछ भी बन रहा है, वो किसकी देन है?"

नीतीश यहीं नहीं रुके। उन्होंने साफ लफ्ज़ों में कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) ने बिहार का खज़ाना खोल दिया है। सड़कें, पुल, बिजली और न जाने क्या-क्या... सब तो केंद्र की मदद से ही हो रहा है।

वो डायलॉग जिसने सबको चौंका दिया

लेकिन असली 'माहौल' तब बना जब नीतीश कुमार ने विपक्ष को एक नसीहत दे डाली। उन्होंने गुस्से में, लेकिन तार्किक अंदाज़ में कहा अरे, शिकायत छोड़ो और पीएम मोदी के काम को देखो। उन्होंने बिहार के लिए इतना कुछ किया है। तुम सबको तो खड़े होकर उन्हें प्रणाम (Salute) करना चाहिए, उनका एहसान मानना चाहिए।"

सीएम के ये तेवर देखकर सदन में सन्नाटा पसर गया। उन्होंने विपक्ष को याद दिलाया कि पहले बिहार का क्या हाल था और अब डबल इंजन की सरकार (Double Engine Sarkar) में विकास की रफ़्तार क्या है।

सियासी मतलब: 'पुरानी दोस्ती, नया भरोसा'

नीतीश कुमार का ये बयान सिर्फ एक गुस्सा नहीं, बल्कि एक सियासी संदेश भी है। लोग कह रहे हैं कि नीतीश अब एनडीए (NDA) और पीएम मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। जो लोग कयास लगा रहे थे कि "चाचा फिर पलटेंगे", उनको नीतीश ने अपने इस आक्रामक अंदाज़ से करारा जवाब दे दिया है।

विपक्ष, जो हंगामा करने आया था, उसे उम्मीद नहीं थी कि सीएम इस तरह फ्रंटफुट पर आकर बल्लेबाजी करेंगे। आरजेडी (RJD) और कांग्रेस के विधायक एक-दूसरे का मुंह ताकते रह गए।

बिहार का मूड क्या है?

सदन के बाहर, चाय की टपरियों पर अब यही चर्चा है कि "गुरू, नीतीश जी ने तो विपक्ष की बोलती बंद कर दी।" कोई इसे 'दबंगई' कह रहा है तो कोई 'सच का आईना'। खैर, राजनीत है भाई! यहाँ कब कौन किसे प्रणाम करने लगे और कौन किससे रूठ जाए, पता नहीं चलता। लेकिन फिलहाल, नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि बिहार के विकास का क्रेडिट वो पीएम मोदी को देने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे।