Big News for Taxpayers : अब शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर भी मिलेगी टैक्स छूट
Newsindia live,Digital Desk: Big News for Taxpayers : छोटे टैक्सपेयर्स और शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने हाल ही में दो ऐसे ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं, जिनसे यह उम्मीद जगी है कि अब शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) से हुई कमाई पर भी सेक्शन 87A के तहत टैक्स छूट का लाभ मिल सकेगा.यह फैसला उन लाखों छोटे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी कुल आय निर्धारित सीमा के अंदर रहती है.
क्या है पूरा मामला?
इनकम टैक्स के सेक्शन 87A के तहत, कम आय वाले टैक्सपेयर्स को टैक्स में छूट (Rebate) दी जाती है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए, नई टैक्स व्यवस्था में 7 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है, जिससे उन्हें कोई टैक्स नहीं देना पड़ता वहीं, पुरानी व्यवस्था में यह सीमा 5 लाख रुपये की आय पर 12,500 रुपये है.
अब तक यह माना जाता था कि यह छूट सिर्फ सैलरी या बिजनेस जैसी सामान्य आय पर ही मिलती है. इनकम टैक्स विभाग का सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) भी शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी की बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन (STCG/LTCG) पर यह छूट नहीं दे रहा था, क्योंकि इन पर 'विशेष दरों' से टैक्स लगता है.
ITAT ने कैसे बदला पूरा खेल?
इस धारणा को ITAT की अलग-अलग बेंचों ने गलत ठहराया है:
ITAT ने अपने फैसले में साफ कहा कि आयकर कानून (Section 87A) में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि कैपिटल गेन जैसी आय पर यह छूट नहीं दी जा सकती. जब तक कानून में किसी चीज के लिए स्पष्ट रूप से मना न किया गया हो, तब तक टैक्सपेयर को उसका लाभ मिलना चाहिए.
आम टैक्सपेयर के लिए इसका क्या मतलब है?
इन फैसलों का सीधा मतलब है कि अगर आपकी कुल टैक्सेबल आय (जिसमें STCG और LTCG भी शामिल है) नई टैक्स व्यवस्था में 7 लाख रुपये से कम है, तो आप टैक्स रिबेट का दावा कर सकते हैं.
हालांकि, यहां एक पेंच है. सरकार ने बजट 2025 में यह ऐलान किया है कि 1 अप्रैल, 2025 से (यानी वित्त वर्ष 2025-26 से) यह छूट कैपिटल गेन पर नहीं मिलेगी. लेकिन यह नियम भविष्य के लिए है. इसका मतलब है कि चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए फाइल हो रहे रिटर्न पर टैक्सपेयर्स ITAT के इन फैसलों का हवाला देकर छूट का दावा कर सकते हैं.
अगर ऑनलाइन सिस्टम आपकी छूट को खारिज करता है, तो भी आप अपील के जरिए यह राहत पा सकते हैं. यह फैसले उन छोटे निवेशकों के लिए एक बड़ी जीत हैं, जो अपनी मेहनत की कमाई का कुछ हिस्सा बाजार में लगाकर मुनाफा कमाते हैं.