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April 10 2026 05:36 pm

आम आदमी पार्टी का बड़ा फैसला, राघव चड्ढा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए गए, अशोक मित्तल को मिली नई जिम्मेदारी

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News India Live, Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने सांगठनिक ढांचे में एक बड़ा फेरबदल करते हुए सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन में पार्टी के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनकी जगह पंजाब से ही सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त करने की सिफारिश की है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को इस फैसले की आधिकारिक सूचना दी गई, जिसके बाद राज्यसभा की वेबसाइट पर भी यह बदलाव दर्ज कर लिया गया है।

क्यों बदला गया राघव चड्ढा का पद?

राघव चड्ढा को पद से हटाए जाने के फैसले के पीछे कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों और राष्ट्रीय स्तर की बैठकों से दूर नजर आ रहे थे। विशेष रूप से दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की रिहाई के बाद हुए शक्ति प्रदर्शन में उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए थे। हालांकि, नवनियुक्त उपनेता अशोक मित्तल ने इसे एक 'रूटीन प्रक्रिया' बताया है और कहा है कि पार्टी नेतृत्व समय-समय पर जिम्मेदारियों में बदलाव करता रहता है।

संसद में बोलने के समय को लेकर भी बढ़ी चर्चा

इस फैसले के साथ ही एक और अहम बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि फिलहाल राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे से सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। यह कदम इस ओर इशारा करता है कि पार्टी नेतृत्व और राघव चड्ढा के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है। हालांकि, वे राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे, लेकिन सदन में पार्टी के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में अब अशोक मित्तल मोर्चा संभालेंगे।

अशोक मित्तल बने नए उपनेता: कौन हैं वे?

राघव चड्ढा की जगह लेने वाले अशोक मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और एक जाने-माने शिक्षाविद् भी हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर हैं और 2022 में राज्यसभा भेजे गए थे। मित्तल ने अपनी नियुक्ति पर पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि वे सदन में पार्टी के पक्ष और जनहित के मुद्दों को मजबूती से रखेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को 'मिशन 2029' की तैयारियों और पार्टी के भीतर पंजाब लॉबी के बढ़ते प्रभाव के रूप में भी देखा जा रहा है।