Big change in GST: GoM ने 12% और 28% स्लैब खत्म करने का सुझाव दिया, परिषद की मुहर का इंतजार
- by Archana
- 2025-08-21 15:41:00
News India Live, Digital Desk: केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) व्यवस्था को सरल और तर्कसंगत बनाने के लिए कमर कस ली है। राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने केंद्र के एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत 12% और 28% की दो मौजूदा जीएसटी दरों को खत्म करने की सिफारिश की गई है। इस बड़े बदलाव का लक्ष्य वर्तमान सात से आठ प्रभावी जीएसटी दरों को घटाकर तीन दरों तक लाना है, जिससे पूरे सिस्टम को और अधिक सरल बनाया जा सके।
मौजूदा जीएसटी दरों को कम करने की आवश्यकता को जीएसटी परिषद ने महसूस किया था। इससे राज्यों को कुछ राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसे अन्य स्लैब में उत्पादों को समायोजित करके कम करने की कोशिश की जाएगी। जीओएम की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद यह अपेक्षित है कि जिन उत्पादों पर वर्तमान में 12% और 28% जीएसटी लगता है, उनमें से कई वस्तुओं पर 18% की दर लागू हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप, कई उत्पाद सस्ते या महंगे हो सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।
इस नए प्रस्ताव के अनुसार, जहां 28% स्लैब खत्म होगा, वहीं विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर जीएसटी प्लस सेस लगाना जारी रहेगा। फिलहाल जीएसटी में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार स्लैब हैं। इसके अतिरिक्त सोने और आभूषणों पर 3 प्रतिशत और कीमती पत्थरों पर 0.25 प्रतिशत की विशेष दरें हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ उत्पादों को अभी भी टैक्स-फ्री कैटेगरी में रखा जाएगा।
यदि जीओएम की सिफारिशें जीएसटी परिषद द्वारा स्वीकार कर ली जाती हैं, तो यह टैक्स ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा। इसका उद्देश्य कर चोरी को कम करना, अनुपालन को आसान बनाना और भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना है। जीएसटी की दरों में बदलाव से उद्योग जगत और उपभोक्ताओं पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिसका अंतिम लक्ष्य टैक्स प्रणाली को और अधिक कुशल और उपभोक्ता-हितैषी बनाना है। अब जीएसटी परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने का इंतजार है।
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