Big Action by EOW : झारखंड के इन दो कारोबारियों की संपत्ति क्यों की गई ज़ब्त?
News India Live, Digital Desk: Big Action by EOW : कहते हैं कि अपराध की दुनिया के तार बहुत लंबे होते हैं। एक राज्य में हुआ घोटाला कब दूसरे राज्य में हलचल मचा दे, कोई नहीं कह सकता। कुछ ऐसा ही हो रहा है छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में, जिसकी आँच अब पड़ोसी राज्य झारखंड तक पहुँच गई है। इस मामले की जाँच कर रही एजेंसी EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने झारखंड के दो बड़े कारोबारियों पर शिकंजा कस दिया है।
कौन हैं ये कारोबारी और इन पर क्या है आरोप?
ये दो नाम हैं - योगेंद्र तिवारी और पप्पू सिंह। ये दोनों झारखंड में शराब के कारोबार से जुड़े बड़े नाम हैं। इन पर आरोप है कि ये उस बड़े सिंडिकेट का हिस्सा थे, जिसने छत्तीसगढ़ में हज़ारों करोड़ के शराब घोटाले को अंजाम दिया था।
आसान भाषा में समझिए, क्या था यह शराब घोटाला?
यह घोटाला बहुत ही शातिर तरीके से किया गया। इसमें शामिल लोग सरकारी सिस्टम को धोखा दे रहे थे। वे शराब की बोतलों पर नकली होलोग्राम लगाकर बेचते थे, जिससे सरकार को मिलने वाला भारी-भरकम टैक्स उनकी जेब में चला जाता था। इस काले पैसे का एक बहुत बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया गया था, जिसमें बड़े-बड़े अधिकारी, नेता और कारोबारी शामिल थे।
झारखंड कनेक्शन क्या है?
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस घोटाले के लिए ज़रूरी नकली होलोग्राम और अन्य चीज़ों की सप्लाई में झारखंड के इन कारोबारियों की अहम भूमिका थी। सीधे शब्दों में कहें तो, वे इस गोरखधंधे को चलाने वाले सिस्टम का एक महत्वपूर्ण पुर्जा थे।
EOW ने क्या कार्रवाई की है?
मामले की जांच कर रही छत्तीसगढ़ की EOW ने अब इन दोनों कारोबारियों की करोड़ों रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है। संपत्ति अटैच करने का मतलब है कि फिलहाल वे अपनी इन संपत्तियों को न तो बेच सकते हैं और न ही किसी और के नाम पर ट्रांसफर कर सकते हैं, जब तक कि जांच पूरी नहीं हो जाती। EOW को शक है कि यह संपत्ति घोटाले के काले पैसे से ही बनाई गई है।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि इस घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं और जाँच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ से शुरू हुई इस कहानी के तार अब झारखंड के गलियारों में पहुँच चुके हैं और देखना यह है कि आगे और कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं।