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March 13 2026 10:04 am

भोजशाला ASI सर्वे की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल, क्या सच में मंदिर तोड़कर बनी थी मस्जिद? जानिए बड़ी बातें

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News India Live, Digital Desk: धार (मध्य प्रदेश) की ऐतिहासिक भोजशाला और कमल मौला मस्जिद को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की हालिया रिपोर्ट ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भोजशाला परिसर में मिली संरचनाओं और अवशेषों से यह संकेत मिलते हैं कि वर्तमान मस्जिद का निर्माण प्राचीन मंदिर के हिस्सों का उपयोग करके किया गया था।

ASI सर्वे की मुख्य बड़ी बातें (Major Findings)

एएसआई की रिपोर्ट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जो इस विवादित स्थल के इतिहास पर नई रोशनी डालते हैं:

मंदिर के अवशेषों का प्रयोग: रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद की दीवारों और खंभों में ऐसे नक्काशीदार पत्थर मिले हैं जो स्पष्ट रूप से हिंदू मंदिर वास्तुकला (Temple Architecture) का हिस्सा थे।

संस्कृत शिलालेख: सर्वे के दौरान दीवारों पर संस्कृत में लिखे हुए कई शिलालेख (Inscriptions) पाए गए हैं, जो प्राचीन शिक्षण संस्थान या मंदिर होने का प्रमाण देते हैं।

मूर्तियों के खंडित अवशेष: खुदाई और सफाई के दौरान परिसर के विभिन्न हिस्सों से खंडित मूर्तियां और सनातन धर्म से जुड़े प्रतीक चिन्ह प्राप्त हुए हैं।

वास्तुकला में बदलाव: सर्वे में यह भी पाया गया कि पुरानी संरचना को ढका गया था या उसमें बदलाव करके उसे नया रूप देने की कोशिश की गई थी।

क्या है पूरा विवाद?

भोजशाला को राजा भोज द्वारा निर्मित वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर माना जाता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमल मौला मस्जिद कहता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, मंगलवार को यहां हिंदू पूजा करते हैं और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। इस ताजा सर्वे रिपोर्ट के बाद अब कानूनी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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