भगवंत मान सरकार ने खोला खुशियों का पिटारा, पंजाब कैबिनेट के इन फैसलों ने बदल दी युवाओं और किसानों की किस्मत
News India Live, Digital Desk : जब भी चंडीगढ़ में कैबिनेट की मीटिंग बैठती है, तो पूरे पंजाब की नज़रें उस कमरे की ओर टिकी होती हैं। सबको उम्मीद होती है कि सरकार कोई ऐसी खबर देगी जिससे आम आदमी की ज़िंदगी थोड़ी और आसान हो जाएगी। इस बार मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। सरकार ने न केवल प्रशासन को मज़बूत करने की बात की है, बल्कि सीधा युवाओं और किसानों के दिल पर वार किया है।
रोजगार की राह हुई आसान
इस मीटिंग का जो सबसे बड़ा हाईलाइट रहा, वो है सरकारी भर्तियों (Government Recruitments) का रास्ता साफ़ करना। काफी समय से हमारे राज्य के युवा नौकरियों के लिए आस लगाए बैठे थे। मान सरकार ने साफ़ संकेत दिया है कि अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। इसका मतलब ये है कि आने वाले दिनों में पंजाब में भर्तियों की लहर देखी जा सकती है। सीधी सी बात है, जब युवा के हाथ में काम होगा, तो पंजाब तरक्की की राह पर तेज़ी से भागेगा।
किसानों और उद्योगों के लिए बड़ी राहत
पंजाब खेती-बाड़ी का गढ़ है, इसलिए कैबिनेट ने किसानों की सहूलियत के लिए भी कुछ अहम नियम पास किए हैं। सिंचाई की व्यवस्था हो या अनाज की सुरक्षा, इन फैसलों से खेती के काम को थोड़ा और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा, पंजाब में औद्योगिक विकास (Industrial Development) को बढ़ावा देने के लिए भी कुछ छूटों का ऐलान किया गया है, ताकि बाहर की कंपनियां यहाँ इन्वेस्टमेंट करें और हमारे लोगों को घर के पास ही रोज़गार मिले।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी ज़ोर
बैठक में 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' और मोहल्ला क्लिनिक के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर भी मुहर लगाई गई है। हकीकत तो ये है कि जब तक हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा और बड़ों को बेहतर इलाज नहीं मिलेगा, तब तक खुशहाली का सपना अधूरा ही रहेगा। सरकार ने बजट का एक अच्छा हिस्सा इन बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए अलॉट किया है।
प्रशासन में बदलाव और सख्ती
सिर्फ जनता को ही नहीं, बल्कि काम करने के तरीके को भी बदलने की बात हुई है। भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने और सरकारी फाइलों की आवाजाही तेज़ करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब पंजाब के सरकारी दफ्तरों में आपको वो पुरानी 'लेट-लतीफी' कम देखने को मिलेगी, क्योंकि खुद मुख्यमंत्री हर प्रोजेक्ट की निगरानी करने वाले हैं।
निष्कर्ष: उम्मीद की नई सुबह
ये कैबिनेट मीटिंग इसलिए भी खास रही क्योंकि यहाँ आम जनता की नब्ज़ पकड़ने की कोशिश की गई है। भगवंत मान का ये कहना कि "उनकी सरकार लोगों के द्वारा और लोगों के लिए है", इन फैसलों में कहीं न कहीं झलकता है। हालांकि, इन सबका ज़मीनी हकीकत पर कितना असर होता है, ये तो वक्त बताएगा। फिलहाल, पंजाब के नौजवानों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ये साल की एक बेहतरीन खबर बनकर उभरी है।
अगर आप भी इनमें से किसी क्षेत्र (जॉब्स या एग्रीकल्चर) से जुड़े हैं, तो ये आलेख आपके लिए जानना बहुत ज़रूरी था!