Astrology : जिर्कोन पहनने के फायदे, यह सफेद रत्न दिलाएगा आर्थिक संपन्नता और बढ़ाएगा सुख
- by Archana
- 2025-08-19 12:17:00
News India Live, Digital Desk: Astrology : जिर्कोन, एक चमकदार सफेद रत्न है जिसे अक्सर हीरे का 'विकल्प' कहा जाता है, ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद शुभ माना जाता है. यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत प्रभावी होता है जिनकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर हो, क्योंकि यह शुक्र ग्रह को मजबूत करने में मदद करता है. जिर्कोन को धारण करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, जिसमें आर्थिक लाभ, वैवाहिक सुख और सामाजिक सम्मान शामिल हैं.
जिर्कोन पहनने के लाभ:
आर्थिक समृद्धि: ज्योतिष के अनुसार, जिर्कोन धारण करने से आय के नए स्रोत खुलते हैं और व्यक्ति को धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है. यह धन में वृद्धि करता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है.
दांपत्य सुख: यह रत्न प्रेम और रिश्तों को मजबूत करने में सहायक है. जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में समस्याएँ हों या जिन्हें प्रेम में असफलता मिल रही हो, उनके लिए जिर्कोन बेहद फायदेमंद होता है. यह पति-पत्नी के बीच प्यार और सामंजस्य बढ़ाता है.
सामाजिक सम्मान: जिर्कोन पहनने वाले व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान मिलता है. यह आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाता है और आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में मदद करता है.
शुक्र ग्रह की मजबूती: कुंडली में शुक्र ग्रह के कमजोर होने पर यह रत्न विशेष रूप से लाभकारी होता है. यह शुक्र के सकारात्मक प्रभावों को बढ़ाता है, जिससे जीवन में भौतिक सुख, सौंदर्य और कला के प्रति रुझान बढ़ता है.
आकर्षण और आत्मविश्वास: जिर्कोन धारण करने से व्यक्ति का आकर्षण बढ़ता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. यह रचनात्मकता को भी बढ़ाता है.
किसे धारण करना चाहिए जिर्कोन?
विशेष रूप से वृषभ (Taurus) और तुला (Libra) राशि के जातकों को जिर्कोन धारण करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि शुक्र ग्रह इन राशियों का स्वामी है. मेष (Aries), कर्क (Cancer), सिंह (Leo), धनु (Sagittarius) और वृश्चिक (Scorpio) राशि के जातकों को भी ज्योतिषीय सलाह के बाद इसे धारण करने पर लाभ मिल सकता है.
धारण करने की विधि:
जिर्कोन को धारण करने का सबसे शुभ दिन शुक्रवार माना जाता है, क्योंकि शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह से संबंधित है. इसे चांदी या सफेद सोने की अंगूठी में पहनना चाहिए, और पहनने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके "ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए. यह सुनिश्चित करेगा कि रत्न अपनी पूरी शक्ति के साथ कार्य करे. किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लेकर ही इसे धारण करना उचित होता है.
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