फास्टैग रिचार्ज के नाम पर खाली हो रहे हैं बैंक अकाउंट, हाईवे पर निकलने से पहले पढ़ लें NHAI का यह नया अलर्ट

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News India Live, Digital Desk: हम सब चाहते हैं कि हाईवे पर हमारा सफर बिना किसी रुकावट के पूरा हो। इसी का फायदा आजकल साइबर ठग उठा रहे हैं। एनएचएआई (NHAI) ने देखा है कि पिछले कुछ दिनों से गाड़ी मालिकों के पास ऐसे मैसेज और फोन कॉल्स आ रहे हैं, जिनमें "फास्टैग एनुअल पास" (Annual Pass) देने का वादा किया जाता है।

कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?
जालसाज आपको एक आकर्षक ऑफर देंगे। वे कहेंगे कि आपको हर बार टोल देने की ज़रूरत नहीं है, बस एक छोटा सा अमाउंट देकर 'सालाना पास' बनवा लीजिए। इसके बाद आपको एक मैसेज भेजा जाएगा जिसमें एक लिंक होगा। यह लिंक देखने में बिल्कुल सरकारी या बैंक की असली वेबसाइट जैसा लगेगा। जैसे ही आप उस लिंक पर अपनी जानकारी भरेंगे या पेमेंट करेंगे, ठग आपके मोबाइल का एक्सेस ले लेते हैं या आपके कार्ड की जानकारी चुरा लेते हैं।

NHAI ने क्या कहा है?
एनएचएआई ने साफ किया है कि फास्टैग से जुड़ी किसी भी सर्विस या एनुअल पास के लिए वे कभी भी इस तरह के अनजान लिंक नहीं भेजते। अधिकतर फास्टैग सेवाएं आपके अधिकृत बैंक (Authorized Banks) या आधिकारिक MyFastag ऐप के जरिए ही दी जाती हैं। अगर आपको किसी वेबसाइट का यूआरएल (URL) संदिग्ध लगे, तो उस पर भूलकर भी क्लिक न करें।

बचने के कुछ आसान तरीके (Smart Tips):

  1. असली-नकली की पहचान: किसी भी फास्टैग अपडेट या पास के लिए केवल अधिकारिक 'MyFastag' ऐप या अपने संबंधित बैंक की वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।
  2. संदिग्ध लिंक से दूरी: सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर आने वाले किसी भी फास्टैग रिचार्ज लिंक पर भरोसा न करें। ये आपके बैंक अकाउंट को 'साफ' करने का तरीका हो सकते हैं।
  3. कस्टमर केयर का सच: गूगल पर मिले रैंडम नंबरों पर कॉल न करें। अक्सर ये नंबर स्कैमर्स के होते हैं। फास्टैग के पीछे लिखे हेल्पलाइन नंबर का ही उपयोग करें।
  4. एनुअल पास का झांसा: फिलहाल टोल फ्री या भारी छूट वाले सालाना पास केवल कुछ खास नियमों और लोकल आईडी (20 किमी के दायरे) के आधार पर टोल प्लाजा के काउंटरों पर ही उपलब्ध होते हैं, उन्हें ऑनलाइन अनजान मैसेज के जरिए नहीं बेचा जाता।

चलते-चलते एक बात...
सफर में सुविधा जितनी ज़रूरी है, उतनी ही जरूरी हमारी सतर्कता भी है। साइबर चोर आपकी एक छोटी सी लापरवाही का इंतज़ार कर रहे हैं। अगली बार जब भी कोई आपको फास्टैग पर भारी छूट या 'सस्ते पास' का लालच दे, तो समझ जाइये कि यह सिर्फ एक चूना लगाने का तरीका है। सुरक्षित रहिये और अपनों को भी आगाह करिये।