Ashwin's Anger Erupted : रोहित-विराट के साथ सही नहीं कर रहा टीम मैनेजमेंट, जानें क्या है असली झगड़ा
News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट में आजकल एक बड़ा भूचाल आया हुआ है, और वजह है टीम इंडिया का फ्यूचर प्लान और खिलाड़ियों से बात करने का तरीका! खासकर जब बात रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसे धुरंधरों की हो, तो मुद्दा गरमाना लाज़मी है. इसी मुद्दे पर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप (2027 ODI World Cup) को ध्यान में रखते हुए जिस तरह से टीम मैनेजमेंट इन सीनियर खिलाड़ियों के साथ व्यवहार कर रहा है, वह बहुत निराश करने वाला है.
अभी हाल ही में, रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल (Shubman Gill) को वनडे टीम का नया कप्तान बनाया गया, जिससे साफ संकेत मिला कि टीम अब इन दोनों बल्लेबाजों से आगे बढ़ रही है. अश्विन को लगता है कि रोहित और विराट को इस प्लान के बारे में बहुत पहले ही साफ-साफ बता देना चाहिए था.
अश्विन ने लगाई टीम मैनेजमेंट को फटकार, दिया कड़ा संदेश!
अपने यूट्यू्ब चैनल पर रविचंद्रन अश्विन ने सेलेक्शन प्रक्रिया (Selection process) और टीम के आगे बढ़ने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “जब हम चयन प्रक्रिया को देखते हैं, तो चयनकर्ता हमें क्या दिखाने की कोशिश कर रहे हैं? वे हमें दिखा रहे हैं कि हम आगे बढ़ रहे हैं और, इस आगे बढ़ने के रास्ते में, दो लोग हैं जो अपने करियर के आखिरी दौर (Back end of careers) में हैं."
अश्विन ने आगे साफ शब्दों में कहा, "भले ही हम यह पसंद करें या न करें, यह सच्चाई है. हालांकि, मैं एक बात पर जोर देना चाहता हूं: जबकि ये खिलाड़ी जो अपने करियर के अंतिम दौर में हैं, जिस तरह से हम उनके साथ व्यवहार करते हैं, उसे बेहतर बनाने की ज़रूरत है."
इसका सीधा मतलब ये है कि अश्विन टीम मैनेजमेंट के फैसले से ज़्यादा उनके संवाद के तरीके (Communication) से नाखुश हैं. जब खिलाड़ी अपने देश के लिए इतना कुछ कर चुके होते हैं, तो उनका सम्मान (Respect) और स्पष्टता (Clarity) से बात करना टीम की जिम्मेदारी बन जाती है. खासकर जब बात इतने बड़े नामों की हो, तो किसी भी 'उत्तराधिकार योजना' (Succession plan) को पारदर्शिता के साथ लागू किया जाना चाहिए था.
रोहित और विराट सिर्फ खिलाड़ी नहीं हैं, वे भारतीय क्रिकेट के आइकॉन हैं. ऐसे में उनके भविष्य को लेकर पारदर्शिता की कमी न केवल उन पर, बल्कि पूरे क्रिकेट फैंस पर असर डालती है. अश्विन की ये बात सोचने पर मजबूर करती है कि क्या टीम इंडिया अपने दिग्गज खिलाड़ियों के साथ सही व्यवहार कर रही है या नहीं. यह निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट में चर्चा का एक नया दौर शुरू करेगा.