Apple Intelligence अब भारत में उपलब्ध, iOS 18.4 अपडेट के साथ मिलेंगे नए AI फीचर्स

Apple Intelligence अब भारत में उपलब्ध, iOS 18.4 अपडेट के साथ मिलेंगे नए AI फीचर्स
Apple Intelligence अब भारत में उपलब्ध, iOS 18.4 अपडेट के साथ मिलेंगे नए AI फीचर्स

Apple ने अपने पर्सनल इंटेलिजेंस सिस्टम Apple Intelligence को भारत में लॉन्च कर दिया है। iOS 18.4, iPadOS 18.4, और macOS Sequoia 15.4 अपडेट के साथ अब भारतीय यूजर्स को एडवांस्ड AI फीचर्स उपलब्ध होंगे। ये फीचर्स खासतौर पर राइटिंग, फोटो एडिटिंग और कम्युनिकेशन को और बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं, और इसमें Apple की पारंपरिक प्राइवेसी सुरक्षा को भी बरकरार रखा गया है।

Apple Intelligence में क्या-क्या नए फीचर्स मिलेंगे?

  1. Writing Tools

    • यूजर्स अब प्रूफरीडिंग, टेक्स्ट समरी और टोन सजेशन जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।

  2. Clean Up Tool

    • यह फीचर फोटो से अनवांटेड ऑब्जेक्ट्स को हटाने की सुविधा देता है।

  3. Image Playground और Genmoji

    • यूजर्स अपनी इमेज और इमोजी को क्रिएटिव तरीके से कस्टमाइज कर सकते हैं।

  4. Siri में ChatGPT इंटीग्रेशन

    • अब Siri और भी स्मार्ट हो गई है। ChatGPT के साथ इंटीग्रेशन के बाद यूजर्स बिना किसी अतिरिक्त ऐप के AI असिस्टेंस प्राप्त कर सकते हैं।

नए इंटेलिजेंस फीचर्स से क्या फायदे होंगे?

  • प्रायोरिटी नोटिफिकेशन
    ज़रूरी अलर्ट और मैसेज अब पहले दिखाई देंगे, जिससे यूजर्स अपना ध्यान मुख्य विषयों पर केंद्रित रख पाएंगे।

  • नेचुरल लैंग्वेज फोटो सर्च
    अब केवल टेक्स्ट डालकर ही आप अपनी गैलरी में वांछित फोटो को ढूंढ सकते हैं।

  • Visual Intelligence
    यह फीचर आपके आसपास की चीज़ों और स्थानों की जानकारी देने में मदद करता है।

  • Notes ऐप में Image Wand
    रफ स्केच को प्रोफेशनल इमेज में बदलने वाला नया टूल, जिससे नोट्स और भी उपयोगी और आकर्षक बन जाते हैं।

ChatGPT इंटीग्रेशन: बिना लॉगिन के भी करेगा काम

Apple ने Siri में ChatGPT को इंटीग्रेट कर दिया है। अब यूजर्स को AI की मदद लेने के लिए अलग से ऐप खोलने या अकाउंट लॉगिन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • यूजर्स की IP एड्रेस छुपाई जाएगी,

  • सेशन लिंकिंग नहीं होगा,

  • और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

प्राइवेसी बनी रहेगी प्राथमिकता

Apple Intelligence की सबसे खास बात है इसका प्राइवेसी-केंद्रित डिज़ाइन।

  • अधिकांश AI प्रोसेसिंग डिवाइस पर ही होती है, जिससे डेटा बाहर नहीं जाता।

  • बड़े और जटिल AI टास्क के लिए Apple ने Private Cloud Compute का उपयोग किया है, जो एंड-टू-एंड सिक्योर है।

Apple ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उनके सर्वर पर चल रहे कोड की बाहरी विशेषज्ञों द्वारा स्वतंत्र जांच की जा सके, जिससे यह पुष्टि हो सके कि प्राइवेसी से जुड़े दावे पूरी तरह सही हैं।

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