भारतीय कुश्ती में फिर भूचाल, ओलिंपिक मेडल विजेता अमन सहरावत एक साल के लिए सस्पेंड
News India Live, Digital Desk: अभी कुछ ही महीने पहले की बात है, जब पूरा देश पेरिस ओलिंपिक में अमन सहरावत के कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतने का जश्न मना रहा था। अमन रातों-रात देश के हीरो बन गए थे। लेकिन आज, भारतीय कुश्ती के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर खेल प्रेमी को हैरान और दुखी कर दिया है।
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की अनुशासन समिति ने एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए ओलिंपिक मेडलिस्ट अमन सहरावत को एक साल के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया है। इसका मतलब है कि अमन अब पूरे एक साल तक किसी भी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
आखिर ऐसा क्या हुआ?
यह पूरा मामला सोनीपत में हुई सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप के ट्रायल के दौरान हुई एक घटना से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि ट्रायल के दौरान पहलवानों और उनके समर्थकों के बीच आपस में झड़प और मारपीट हो गई थी। इस घटना को कुश्ती महासंघ ने "घोर अनुशासनहीनता" माना।
अमन सहरावत अकेले नहीं हैं जिन पर यह कार्रवाई हुई है। उनके साथ-साथ एक और पदक विजेता पहलवान को भी इसी तरह एक साल के लिए सस्पेंड किया गया है।
क्या होगा इस फैसले का असर?
यह फैसला अमन सहरावत के उभरते हुए करियर के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। एक साल तक मैट से दूर रहना किसी भी एथलीट के लिए बहुत मुश्किल होता है। यह उनकी लय, प्रैक्टिस और रैंकिंग, सब पर बहुत बुरा असर डाल सकता है।
यह घटना एक बार फिर भारतीय कुश्ती में चल रही उथल-पुथल को सामने लाती है। पिछले कुछ समय से भारतीय कुश्ती लगातार गलत कारणों से चर्चा में रही है। यह फैसला जहाँ एक तरफ अनुशासन को लेकर एक कड़ा संदेश देता है, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी खड़ा करता है कि हमारे हीरो को ऐसी स्थिति का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
देश को पदक दिलाने वाले हाथ अगर इस तरह की घटनाओं में उलझेंगे, तो यह भारतीय कुश्ती के भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत नहीं है।