Ancestral Blessings : पितरों को खुश करने का आखिरी मौका, सर्वपितृ अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

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News India Live, Digital Desk: Ancestral Blessings : पितृ पक्ष का समय हमारे पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति आभार जताने का होता है। इन 16 दिनों में हम श्राद्ध, तर्पण और दान करके उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। पितृ पक्ष का आखिरी दिन, जिसे सर्वपितृ अमावस्या या महालया अमावस्या भी कहा जाता है, बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यह दिन उन सभी पितरों को याद करने के लिए खास है, जिनकी मृत्यु की तिथि हमें याद नहीं है या किसी कारण से हम उनका श्राद्ध नहीं कर पाए।

यह पितरों की विदाई का दिन होता है और माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा-पाठ और दान का फल सीधे हमारे पूर्वजों तक पहुंचता है। वे तृप्त होकर अपने वंशजों को सुख, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद देकर विदा होते हैं। इसलिए इस दिन कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए ताकि पितृ नाराज न हों और उनकी कृपा हम पर बनी रहे।

सर्वपितृ अमावस्या पर क्या जरूर करें?

  • श्राद्ध और तर्पण: अगर आप पितृ पक्ष के दौरान किसी पितर का श्राद्ध नहीं कर पाएं हैं, तो इस दिन उनका श्राद्ध और तर्पण अवश्य करें। इस दिन किया गया श्राद्ध सभी पितरों को मिलता है।
  • ब्राह्मण को भोजन कराएं: अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार, किसी ब्राह्मण को आदरपूर्वक घर पर बुलाकर भोजन कराएं। उन्हें वस्त्र और दक्षिणा देकर सम्मानपूर्वक विदा करें।
  • पंचबलि भोग निकालें: इस दिन गाय, कुत्ते, कौवे, देवता और चींटी के लिए भोजन का अंश जरूर निकालें। इसे पंचबलि भोग कहते हैं और यह बहुत जरूरी माना गया है।
  • दान करें: किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार धन का दान करें। माना जाता है कि इससे पितरों को शांति मिलती है।
  • पीपल की पूजा: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और अपने पितरों को याद कर उनसे आशीर्वाद मांगें।
  • क्षमा याचना: जाने-अनजाने में हुई किसी भी गलती के लिए अपने पितरों से हाथ जोड़कर क्षमा मांगें।

इस दिन भूलकर भी न करें ये काम

  • मांसाहार और तामसिक भोजन: इस दिन घर में मांसाहारी भोजन, लहसुन-प्याज जैसी तामसिक चीजें बिल्कुल न बनाएं और न ही इनका सेवन करें। सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
  • बुजुर्गों का अपमान: घर के किसी भी बड़े-बुजुर्ग या किसी असहाय व्यक्ति का अपमान न करें। ऐसा करने से पितर बहुत नाराज होते हैं।
  • नया सामान न खरीदें: यह दिन पितरों के प्रति शोक और सम्मान प्रकट करने का होता है, इसलिए इस दिन कोई नई वस्तु खरीदना या नया काम शुरू करना शुभ नहीं माना जाता।
  • किसी जीव को न सताएं: इस दिन किसी भी पशु-पक्षी, विशेषकर गाय, कुत्ते या कौवे को न मारें और न ही सताएं।
  • बाल और नाखून न काटें: सर्वपितृ अमावस्या के दिन बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना या नाखून काटना वर्जित माना गया है।

सर्वपितृ अमावस्या का दिन अपने पूर्वजों की कृपा पाने का आखिरी और सबसे सुनहरा अवसर होता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप न केवल पितृ दोष से बच सकते हैं, बल्कि उनके आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख-शांति और सफलता भी पा सकते हैं।