टूट गया अमेरिका का 'गुरूर'! पहली बार दुनिया के 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट की लिस्ट से बाहर
कभी दुनिया भर में जिसकी तूती बोलती थी, वो अमेरिकी पासपोर्ट अब अपनी चमक खो रहा है। एक समय था जब अमेरिकी पासपोर्ट हाथ में होना पूरी दुनिया में घूमने की गारंटी माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 20 सालों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि अमेरिकी पासपोर्ट दुनिया के 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट की लिस्ट से ही बाहर हो गया है!
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की ताजा रैंकिंग में अमेरिका लुढ़ककर 12वें स्थान पर पहुँच गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि दुनिया का सुपरपावर इस मामले में इतना पीछे कैसे रह गया?
अमेरिका का 'गुरूर' ही ले डूबा!
इस गिरावट की सबसे बड़ी और सीधी वजह है अमेरिका की 'अकड़' वाली वीज़ा नीति।
- खुद घूमना है, दूसरों को नहीं घुमाना: अमेरिकी नागरिक तो 180 देशों में बिना वीज़ा के घूम सकते हैं, लेकिन जब दूसरों को अपने यहाँ बुलाने की बारी आती है, तो अमेरिका सिर्फ 46 देशों के नागरिकों को ही बिना वीज़ा के आने देता है।
- जैसे को तैसा: अब दुनिया के दूसरे देश भी अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब दे रहे हैं। ब्राजील, चीन और वियतनाम जैसे कई देशों ने अमेरिका को अपनी वीज़ा-फ्री लिस्ट से हटा दिया है। उनका साफ कहना है कि जब तुम हमें इज़्ज़त नहीं दोगे, तो हम क्यों दें?
एक दशक पहले अमेरिकी पासपोर्ट से 227 देशों में वीज़ा-फ्री एंट्री मिलती थी, जो अब घटकर सिर्फ 180 रह गई है।
इधर अमेरिका फिसला, उधर सिंगापुर और चीन ने मारी बाज़ी!
- नंबर 1 का ताज सिंगापुर के सिर: इस लिस्ट में सबसे ऊपर है सिंगापुर, जिसके पासपोर्ट पर आप 193 देशों में बिना वीज़ा के घूम सकते हैं। इसके बाद दक्षिण कोरिया (190) और जापान (189) का नंबर आता है।
- चीन की रॉकेट जैसी छलांग: लेकिन असली कहानी तो चीन की है! पिछले 10 सालों में चीन का पासपोर्ट 94वें स्थान से उछलकर 64वें स्थान पर आ गया है। चीन आज 76 देशों को वीज़ा-फ्री एंट्री देता है, जो अमेरिका से 30 ज़्यादा है।
भारतीय पासपोर्ट का क्या है हाल?
इस लिस्ट में भारत 85वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारक दुनिया के 57 देशों में बिना वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं।
अब दूसरी नागरिकता की तलाश में अमेरिकी
अपने पासपोर्ट की घटती ताकत और दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए, अब बहुत से अमेरिकी नागरिक दूसरी नागरिकता या किसी और देश में बसने के रास्ते तलाश रहे हैं। एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि अगर अमेरिका ने अपनी वीज़ा नीतियों को नहीं बदला, तो उसका पासपोर्ट और भी कमज़ोर हो सकता है।