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March 24 2026 12:53 pm

वायुसेना का कर्मचारी निकला पाकिस्तान का जासूस राजस्थान इंटेलिजेंस ने असम से किया गिरफ्तार ,फाइटर जेट की जानकारी लीक

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News India Live, Digital Desk : भारतीय वायुसेना (IAF) की सुरक्षा में सेंध लगाने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने एक संयुक्त ऑपरेशन में असम के चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात एक सिविलियन कर्मचारी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 36 वर्षीय सुमित कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला है। आरोप है कि सुमित सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडल्स के संपर्क में था और पैसों के बदले भारतीय वायुसेना की रणनीतिक जानकारियां सीमा पार भेज रहा था।

कैसे हुआ खुलाशा? जैसलमेर से जुड़े थे तार

इस पूरे जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ जनवरी 2026 में जैसलमेर से हुई एक गिरफ्तारी के बाद हुआ:

पहली कड़ी: जनवरी में राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर के नेडान गांव से झबरा राम नाम के एक युवक को पकड़ा था। झबरा राम से पूछताछ के दौरान सुमित कुमार का नाम सामने आया।

लगातार संपर्क: जांच में पता चला कि सुमित साल 2023 से ही पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था। वह न केवल चाबुआ (असम) बल्कि बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन की भी गोपनीय जानकारियां साझा कर रहा था।

हनीट्रैप और लालच: प्राथमिक जांच के अनुसार, सुमित को सोशल मीडिया पर 'हनीट्रैप' (Honeytrap) के जरिए फंसाया गया था। महिला बनकर बात कर रहे पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे पैसों का लालच दिया, जिसके बाद उसने संवेदनशील डेटा भेजना शुरू कर दिया।

क्या-क्या जानकारियां की लीक? (Critical Breaches)

सुमित कुमार चाबुआ एयरबेस पर मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) के पद पर तैनात था, जिससे उसकी पहुंच कई महत्वपूर्ण दफ्तरों तक थी। उसने निम्नलिखित जानकारियां साझा कीं:

फाइटर जेट्स की लोकेशन: सुखोई-30 जैसे लड़ाकू विमानों की तैनाती और उनकी मूवमेंट की जानकारी।

मिसाइल सिस्टम: एयरबेस पर तैनात एयर डिफेंस और मिसाइल प्रणालियों के फोटोग्राफ्स और लोकेशन।

अधिकारियों का डेटा: एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों और वहां तैनात कर्मियों की व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी।

फर्जी अकाउंट्स: सुमित ने अपने नाम पर जारी सिम कार्ड के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स को सोशल मीडिया अकाउंट्स (WhatsApp आदि) बनाने में मदद की, ताकि वे भारतीय नंबरों से दूसरों को निशाना बना सकें।

कानूनी कार्रवाई: ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट में केस दर्ज

राजस्थान पुलिस के एडीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सुमित को चाबुआ से हिरासत में लेकर जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र (CIC) लाया गया। कड़ी पूछताछ के बाद साक्ष्य मिलने पर उसे 22 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923' (Official Secrets Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत जयपुर के विशेष थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।