AIBE 21 Exam 2026 : वकीलों के लिए BCI का सख्त फरमान 30 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन का मौका, परीक्षा हॉल में पेंसिल भी बैन
News India Live, Digital Desk : बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने AIBE 21 (XXI) परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह परीक्षा 7 जून 2026 को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। BCI ने इस बार परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए बेहद सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका उल्लंघन करने पर उम्मीदवारों को भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
AIBE 21: महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)
अगर आप इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, तो इन तारीखों को डायरी में नोट कर लें:
रजिस्ट्रेशन शुरू: 11 फरवरी 2026
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026
फीस भुगतान की अंतिम तिथि: 1 मई 2026
करेक्शन विंडो: 3 मई 2026 तक
एडमिट कार्ड जारी: 22 मई 2026
परीक्षा की तिथि: 7 जून 2026
BCI की नई गाइडलाइंस: क्या करें और क्या नहीं?
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश और ओएमआर (OMR) शीट भरने को लेकर इस बार नियम काफी कड़े हैं:
पेंसिल का उपयोग वर्जित: ओएमआर शीट भरने के लिए केवल नीले या काले बॉलपॉइंट पेन का ही उपयोग करें। पेंसिल का उपयोग करने पर उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
रिपोर्टिंग टाइम: उम्मीदवारों को सुबह 11:30 बजे तक केंद्र पर पहुँचना होगा। दोपहर 1:15 बजे के बाद किसी भी कीमत पर प्रवेश नहीं मिलेगा।
अनिवार्य दस्तावेज: प्रिंटेड एडमिट कार्ड के साथ एक वैध सरकारी फोटो आईडी (जैसे आधार, वोटर आईडी या पासपोर्ट) लाना अनिवार्य है।
बेयर एक्ट्स (Bare Acts) की अनुमति: केवल बिना किसी नोट्स या कमेंट्री वाले 'बेयर एक्ट्स' ही परीक्षा हॉल में ले जाने की अनुमति है।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बैन: स्मार्टवॉच, मोबाइल, कैलकुलेटर या किसी भी तरह के डिजिटल डिवाइस पर पूर्ण प्रतिबंध है।
कौन दे सकता है AIBE 21 परीक्षा? (Eligibility)
शैक्षणिक योग्यता: 3 साल या 5 साल की एलएलबी (LLB) डिग्री रखने वाले उम्मीदवार।
फाइनल ईयर स्टूडेंट्स: ऐसे छात्र जो अपने अंतिम सेमेस्टर में हैं और जिनका कोई 'बैकलॉग' नहीं है, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
एनरोलमेंट: उम्मीदवार का किसी भी स्टेट बार काउंसिल में वकील के रूप में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
पासिंग मार्क्स: जनरल/OBC के लिए 45% और SC/ST/PwD के लिए 40% अंक लाना अनिवार्य है।
वकालत के लिए क्यों जरूरी है AIBE?
भारत में किसी भी कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए केवल कानून की डिग्री काफी नहीं है। लॉ ग्रेजुएट्स को अपनी प्रैक्टिस जारी रखने के लिए नामांकन के दो साल के भीतर यह परीक्षा पास करनी होती है, जिसके बाद उन्हें 'सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस' (COP) प्रदान किया जाता है।