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March 25 2026 07:39 pm

AI Auto Mode : इंसानी दिमाग को छुट्टी देगा Anthropic का नया Claude AI अब खुद लेगा फैसले और करेगा कोडिंग

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News India Live, Digital Desk : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक ऐसा धमाका हुआ है जिसने टेक दिग्गजों की नींद उड़ा दी है। अब तक आपने AI से चैट की होगी या उससे सवाल पूछे होंगे, लेकिन अब AI आपके कंप्यूटर को बिल्कुल वैसे ही चलाएगा जैसे कोई इंसान चलाता है। एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अपने नए मॉडल 'Claude 3.5 Sonnet' में एक क्रांतिकारी फीचर 'Computer Use' जोड़ा है। यह फीचर अब बिना आपसे बार-बार पूछे खुद फैसले ले सकता है और जटिल कोडिंग से लेकर डेटा एंट्री तक के काम चुटकियों में निपटा सकता है।

क्या है क्लॉड का नया 'ऑटो मोड' और यह कैसे है अलग? आमतौर पर AI टूल्स को हर कदम पर कमांड (Prompt) देनी पड़ती है, लेकिन क्लॉड का यह नया वर्जन 'ऑटो मोड' पर काम करता है। इसका मतलब है कि अगर आप इसे कोई बड़ा टास्क देते हैं, तो यह खुद ही स्क्रीन को देखेगा, कर्सर मूव करेगा, बटन क्लिक करेगा और वेब ब्राउज़र पर जाकर जानकारी जुटाएगा। यह तकनीक 'एजेंटिक एआई' (Agentic AI) पर आधारित है, जो इसे महज एक चैटबॉट से ऊपर उठाकर एक 'डिजिटल असिस्टेंट' बनाती है।

कोडिंग की दुनिया में लाएगा बड़ा बदलाव सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और डेवलपर्स के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। क्लॉड का नया अपडेट खुद से कोड लिख सकता है, उसमें मौजूद गलतियों (Bugs) को ढूंढकर उन्हें ठीक कर सकता है और प्रोग्राम को रन भी कर सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह कोडिंग के दौरान आने वाली बाधाओं को खुद ही सुलझा लेता है, जिससे डेवलपर्स का घंटों का काम मिनटों में पूरा हो जाएगा। इसे भविष्य के 'सेल्फ-कोडिंग' युग की शुरुआत माना जा रहा है।

बिना पूछे फैसले लेने की अद्भुत क्षमता इस नए अपडेट की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी 'Decision Making' क्षमता है। उदाहरण के तौर पर, यदि आपको किसी ट्रिप की प्लानिंग करनी है, तो क्लॉड खुद ही होटल सर्च करेगा, कीमतें चेक करेगा और आपके कैलेंडर के हिसाब से सबसे अच्छा विकल्प चुनकर फॉर्म भर देगा। यह सब कुछ बैकग्राउंड में होता है, जिससे यूजर को बार-बार इंटरफेयर करने की जरूरत नहीं पड़ती।

सुरक्षा और प्राइवेसी पर उठ रहे सवाल जहां एक ओर यह तकनीक चमत्कारी लग रही है, वहीं दूसरी ओर डेटा सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। क्योंकि क्लॉड आपके कंप्यूटर की स्क्रीन को 'देख' सकता है और कीबोर्ड-माउस को कंट्रोल कर सकता है, इसलिए प्राइवेसी को लेकर चिंताएं वाजिब हैं। हालांकि, एंथ्रोपिक का दावा है कि उन्होंने इसमें कड़े सुरक्षा घेरे (Safety Rails) लगाए हैं ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो सके।