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March 17 2026 10:08 pm

श्रीकृष्ण का प्रिय महीना अगहन शुरू, इन कामों से मिलेगा पुण्य, और इन गलतियों से बचें

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News India Live, Digital Desk: हिंदू कैलेंडर का नौवां महीना, जिसे मार्गशीर्ष या अगहन के नाम से जाना जाता है, आज 6 नवंबर 2025, गुरुवार से शुरू हो गया है। यह महीना 4 दिसंबर 2025 को समाप्त होगा। सनातन धर्म में इस महीने को बेहद पवित्र और पुण्य फलदायी माना जाता है, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में कहा है, "महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूँ।" इस वजह से यह पूरा महीना कृष्ण भक्ति के लिए समर्पित है और इसे सभी महीनों में सबसे शुभ माना गया है।

ऐसी मान्यता है कि मार्गशीर्ष के महीने में की गई भक्ति और अच्छे कर्मों से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे भगवान कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि इस पवित्र महीने में हमें क्या करना चाहिए और किन बातों से परहेज करना चाहिए।

मार्गशीर्ष मास में ये 5 काम जरूर करें:

  1. पवित्र नदी में स्नान: इस महीने में, विशेषकर यमुना नदी में स्नान करने का बहुत महत्व है। माना जाता है कि यमुना श्रीकृष्ण की प्रिय हैं, इसलिए इस महीने में यमुना स्नान करने से भगवान की कृपा मिलती है। अगर नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  2. भगवान कृष्ण और तुलसी की पूजा: यह पूरा महीना भगवान कृष्ण की पूजा के लिए उत्तम है। श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की नियमित पूजा करें, उन्हें पीले वस्त्र, मोरपंख और तुलसी दल अर्पित करें। साथ ही, तुलसी जी की पूजा करना भी बेहद शुभ माना गया है।
  3. श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ: चूंकि यह महीना स्वयं कृष्ण का स्वरूप है, इसलिए इस दौरान गीता का पाठ करना या सुनना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। ऐसा करने से जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति का मार्ग मिलता है।
  4. शंख की पूजा: भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को शंख अति प्रिय है। मार्गशीर्ष के महीने में शंख की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पूजा के दौरान शंख जरूर बजाना चाहिए।
  5. दान-पुण्य: इस महीने में अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, घी, तेल या धन का दान करना बहुत लाभकारी माना जाता है। जरूरतमंदों की मदद करने से भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान, न करें ये गलतियां:

  • इस पवित्र महीने में मांस, मछली, अंडा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार के नशे और व्यसन से दूर रहें।
  • इस महीने में जीरे का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
  • किसी के बारे में बुरा सोचने, बोलने या किसी का अपमान करने से बचें।

इस एक महीने में श्रद्धापूर्वक किए गए इन छोटे-छोटे उपायों से भी जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।