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April 28 2026 06:05 pm

43 डिग्री की तपती गर्मी के बाद झज्जर में आई धूल भरी आंधी! मंडियों में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीगने के कगार पर

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झज्जर। सोमवार का दिन झज्जर जिले के लिए दोहरी मार लेकर आया। दिन भर 43 डिग्री सेल्सियस की झुलसाने वाली गर्मी से जनजीवन बेहाल रहा और शाम होते-होते अचानक धूल भरी आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। इस मौसमी उठापटक ने आम लोगों को परेशान किया ही, साथ ही मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे लाखों क्विंटल गेहूं को लेकर किसानों और कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी।

दिन भर जलाती रही धूप, बाजारों में पसरा सन्नाटा

सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के चलते बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों में दुबके रहे और जरूरी काम से ही बाहर निकले।

साढ़े सात बजे आई आंधी, बिजली सप्लाई हुई बंद

शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक धूल भरी आंधी ने दस्तक दी। हवाओं की रफ्तार करीब 28 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। पेड़ गिरने और तार टूटने के खतरे को देखते हुए शहर और जिले के कई हिस्सों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि ऐसे मौसम में किसी भी हादसे से बचने के लिए बिजली काटना जरूरी हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।

लाखों क्विंटल गेहूं पर मंडरा रहा भीगने का खतरा

मौसम के इस बदलाव ने किसानों और आढ़तियों की रातों की नींद उड़ा दी है। जिले की मंडियों और गोदामों में इस समय बड़ी मात्रा में गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। आढ़तियों ने काफी गेहूं को तिरपालों से ढकने की कोशिश की है, लेकिन तेज आंधी में तिरपाल उड़ रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में बारिश हुई तो लाखों क्विंटल गेहूं के भीगने का खतरा बढ़ जाएगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विभागों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम के इस अचानक बदलाव को देखते हुए खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों को तत्काल सतर्क होने की जरूरत है। समय रहते गेहूं के भंडारण और सुरक्षा के उचित प्रबंध नहीं किए गए तो यह मौसम किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकता है।