केबल एंड वायर सेक्टर में अडानी-बिड़ला की टक्कर, बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

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सीमेंट सेक्टर के बाद अब केबल एंड वायर (C&W) उद्योग में भी दो दिग्गज कारोबारी समूह अडानी और आदित्य बिड़ला आमने-सामने होंगे। दोनों समूहों ने इस क्षेत्र में प्रवेश करने की घोषणा कर दी है। हाल ही में आदित्य बिड़ला समूह के बाद अब अडानी समूह ने भी संयुक्त उद्यम के जरिए इस उद्योग में कदम रखा है।

अडानी समूह की नई कंपनी

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कच्छ कॉपर लिमिटेड (KCL) ने प्रणीता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी में प्रणीता इकोकेबल्स लिमिटेड (PEL) नाम से संयुक्त उद्यम कंपनी बनाई है। यह कंपनी मेटल प्रोडक्ट्स, केबल और वायर के निर्माण, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर ध्यान केंद्रित करेगी। फिलहाल, कंपनी का व्यावसायिक संचालन शुरू नहीं हुआ है।

अल्ट्राटेक सीमेंट भी कर चुकी है एंट्री

पिछले महीने, आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने भी इस सेक्टर में एंट्री करने का ऐलान किया था। कंपनी अगले दो वर्षों में 1,800 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। गौरतलब है कि सीमेंट कारोबार में भी अडानी और बिड़ला समूह की सीधी टक्कर है, जहां अडानी समूह की अंबुजा सीमेंट्स, एसीसी और सांघी सीमेंट प्रमुख खिलाड़ी हैं।

छोटी कंपनियों पर असर, बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

विशेषज्ञों का मानना है कि केबल एंड वायर उद्योग, जो अब तक छोटे और असंगठित व्यवसायों के नियंत्रण में था, अब इन बड़े समूहों के प्रवेश से प्रभावित होगा। वर्तमान में इस उद्योग में लगभग 400 कंपनियां कार्यरत हैं, जिनकी वार्षिक आय 500 मिलियन से 4 बिलियन रुपये के बीच है।

हिंडाल्को का बड़ा निवेश

इस बीच, आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमारमंगलम बिड़ला ने घोषणा की है कि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज भविष्य में एल्युमिनियम, कॉपर और विशेष एल्युमिना कारोबार में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश सौर मॉड्यूल, बैटरी स्टोरेज, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

केबल एंड वायर सेक्टर में भारी मांग

विश्लेषकों के अनुसार, तेजी से विद्युतीकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन, रियल एस्टेट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की ग्रोथ से केबल एंड वायर उद्योग में जबरदस्त मांग बनी हुई है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024 से 2027 तक यह सेक्टर 11-13% CAGR की दर से बढ़ेगा।

अडानी और बिड़ला समूह के प्रवेश के साथ, यह उद्योग नई प्रतिस्पर्धा और निवेश अवसरों के लिए तैयार है।