महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है, क्योंकि पवार परिवार में फूट की खबरें जोर पकड़ रही हैं। एनसीपी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे अभिजीत पवार जल्द ही अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हो सकते हैं। वर्तमान में वे शरद पवार गुट के नेता और विधायक जितेंद्र अव्हाड के निजी सहायक के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन अब इस गुट से उनकी नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं।
कौन हैं अभिजीत पवार?
अभिजीत पवार, शरद पवार के छोटे भाई प्रताप राव पवार के बेटे हैं। वे सकाल मीडिया समूह के प्रबंध निदेशक होने के साथ-साथ डिलीवरिंग चेंज फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं, जो सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्य करता है। इसके अलावा, उन्होंने तनिष्क फाउंडेशन, यंग इंस्पिरेटर्स नेटवर्क और ग्लोबल इंस्पिरेटर्स नेटवर्क की भी स्थापना की है।
अभिजीत कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े हैं। वे महराट्टा चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (MCCIA) के कार्यकारी सदस्य, इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी की कार्यकारी समिति के सदस्य, ग्लोबल यंग प्रेसिडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के बोर्ड सदस्य और एनएम वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य हैं। साथ ही, वे पुणे स्कूल फॉर ब्लाइंड के अध्यक्ष और सकाल फाउंडेशन के प्रमुख भी हैं।
राजनीति में इस बदलाव के मायने
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब महाविकास अघाड़ी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में शरद पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित किया था, जिससे उद्धव ठाकरे गुट उनसे नाराज बताया जा रहा है। वहीं, विधानसभा चुनावों में शरद पवार की एनसीपी, अजित पवार के गुट से कमजोर प्रदर्शन कर चुकी है।
ऐसे में अभिजीत पवार का अजित पवार के साथ जाना पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है।