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March 17 2026 03:09 pm

Aadhaar Card New Rules 2026: आधार कार्ड में नाम, पता या मोबाइल नंबर बदलना हुआ बेहद सख्त! UIDAI ने लागू किए नए नियम, जान लें वरना अटक जाएंगे सारे काम

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लखनऊ/नई दिल्ली। आज के समय में बैंक में खाता खुलवाने से लेकर बच्चों के स्कूल एडमिशन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, हर जगह आधार कार्ड (Aadhaar Card) सबसे जरूरी पहचान पत्र बन चुका है। इसी अहमियत और बढ़ते फर्जीवाड़े को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने साल 2026 में आधार अपडेट की प्रक्रिया में बड़े और सख्त बदलाव किए हैं। अगर आपके आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या पते में कोई गलती है और आप उसे सुधारने की सोच रहे हैं, तो नए नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना आपका आवेदन तुरंत रद्द हो सकता है।

दस्तावेज सत्यापन में भारी सख्ती: अब सिर्फ फोटोकॉपी से नहीं चलेगा काम

UIDAI ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे आधार अपडेट कराने वालों पर नकेल कस दी है। 2026 के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब केवल सेल्फ-अटेस्टेड (स्व-प्रमाणित) फोटोकॉपी से काम नहीं चलेगा। नाम और जन्मतिथि जैसे महत्वपूर्ण बदलावों के लिए आधार सेवा केंद्र पर अधिकारियों द्वारा आपके मूल दस्तावेजों (Original Documents) की गहन जांच की जाएगी। यदि आपके द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र और आवेदन की जानकारी में जरा सी भी विसंगति पाई गई, तो अपडेट रिक्वेस्ट को तुरंत खारिज कर दिया जाएगा।

बच्चों के आधार को लेकर बड़ा अलर्ट: 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक है अनिवार्य

अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं, तो यह नियम आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। UIDAI ने बच्चों के लिए 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर 'बायोमेट्रिक अपडेट' (फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन) को अनिवार्य कर दिया है। यदि अभिभावक समय पर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराते हैं, तो उनका आधार कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय (Deactivate) किया जा सकता है। इसलिए उम्र पूरी होते ही नजदीकी केंद्र पर जाकर इसे तुरंत अपडेट करवाएं।

मोबाइल नंबर अपडेट के लिए जाना ही होगा आधार सेंटर

आजकल हर ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) आता है। साइबर ठगी को रोकने के लिए UIDAI ने नियम बनाया है कि अब मोबाइल नंबर अपडेट कराने की प्रक्रिया केवल अधिकृत 'आधार सेवा केंद्र' पर ही होगी। इसके लिए आपके बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) को अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम से फर्जी सिम कार्ड लेने और बैंक धोखाधड़ी के मामलों में भारी कमी आएगी।

ऑनलाइन अपडेट में जुड़ी 'डबल सिक्योरिटी' लेयर

अगर आप घर बैठे ऑनलाइन अपना पता (Address) अपडेट कर रहे हैं, तो अब अपलोड किए गए दस्तावेजों की डिजिटल और मैन्युअल दोनों तरह से दोहरी जांच की जाएगी। इसके साथ ही, डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रक्रिया को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रखा गया है, ताकि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी लीक न हो। हालांकि, नाम या जन्मतिथि में बड़े बदलाव के लिए अब आपको ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन अपॉइंटमेंट लेकर ही सेंटर जाना होगा।

फर्जी जानकारी दी तो होगी कानूनी कार्रवाई

UIDAI ने सख्त चेतावनी जारी की है कि आधार एक अत्यधिक संवेदनशील दस्तावेज है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर फर्जी दस्तावेज लगाकर या गलत जानकारी देकर अपना आधार अपडेट कराने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जेल भी हो सकती है।