रेलवे का अग्निवीरों को बड़ा तोहफा Group D और Level-2 पदों पर मिलेगा भारी आरक्षण, PET से भी मिलेगी छूट
News India Live, Digital Desk: भारतीय सेना से 4 साल की सेवा के बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने एक और राहत भरा फैसला लिया है। भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने एक 'सहयोग ढांचे' (Framework of Cooperation) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अब रेलवे की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता और आरक्षण दिया जाएगा। यह कदम अग्निवीरों के करियर को सुरक्षित करने की दिशा में एक 'माइलस्टोन' माना जा रहा है।
आरक्षण का गणित: किसे, कितना मिलेगा फायदा?
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अग्निवीरों को मिलने वाला आरक्षण 'क्षैतिज' (Horizontal Reservation) प्रकृति का होगा। इसका विवरण इस प्रकार है:
| पद का स्तर (Post Level) | पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण | पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए आरक्षण |
|---|---|---|
| लेवल-1 (ग्रुप डी) | 10% | 20% |
| लेवल-2 और उससे ऊपर | 5% | 10% |
खास बात: यह आरक्षण गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) पदों के लिए है और सीधी भर्ती कोटे के अंतर्गत दिया जाएगा।
Physical Test (PET) से बड़ी राहत
अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि उन्हें रेलवे की भर्ती प्रक्रिया में होने वाले शारीरिक दक्षता परीक्षण (Physical Efficiency Test - PET) से पूरी तरह छूट दी जाएगी। चूंकि वे पहले से ही सेना की कठिन ट्रेनिंग से गुजर चुके होते हैं, इसलिए रेलवे उन्हें शारीरिक रूप से फिट मानता है।
उम्र सीमा में भी मिलेगी 'एक्स्ट्रा' छूट
रेलवे भर्ती में अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में भी विशेष रियायत दी गई है:
पहले बैच के लिए: निर्धारित आयु सीमा से 5 साल की अतिरिक्त छूट।
भविष्य के बैचों के लिए: निर्धारित आयु सीमा से 3 साल की अतिरिक्त छूट।
RRB Group D 2026: 22,195 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
हाल ही में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने 22,195 लेवल-1 (ग्रुप डी) पदों के लिए अधिसूचना जारी की है। इसमें ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्समैन और असिस्टेंट जैसे पद शामिल हैं। अग्निवीर अपनी 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद प्राप्त होने वाले सर्टिफिकेट के आधार पर इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
भारतीय रेलवे और सेना दोनों का मानना है कि अग्निवीर अनुशासित, प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष होते हैं। रेलवे में उनकी नियुक्ति से न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि रेलवे को भी एक अनुशासित कार्यबल प्राप्त होगा, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकेगा।