निरस्त 53 माइनिंग प्लॉटों की नीलामी जल्द शुरू होगी

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जयपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। खान विभाग की ओर से निरस्त 53 माइनिंग प्लॉटों के ऑक्शन की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। विभाग ने नीलामी की तैयारियां शुरू कर दी है।

खान एवं भूविज्ञान शासन सचिव आनन्दी ने विभाग के अधिकारियों को माइनिंग ब्लॉक्स के चिन्हीकरण, डेलिनियेशन और नीलामी के लिए आवश्यक औपचारिकताएं मिलकर करने के निर्देश दिए ताकि नीलामी के लिए प्लॉट तैयार करने में अनावश्यक देरी न हो।

खान सचिव आनन्दी ने सोमवार को खनिज भवन में खान एवं भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में बताया कि 53 माइनिंग प्लॉटों के संबंध में न्यायालय से सरकार के पक्ष में निर्णय आ गया है, ऐसे में तत्काल ऑक्शन की कार्यवाही शुरू की जाएं ताकि अवैध खनन या अन्य व्यवधानों पर रोक लग सके। उन्होंने विभिन्न कार्यालयों में माइनिंग प्लान, हस्तांतरण, म्यूटेशन व अन्य पेंडिंग प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि अगले तीन माह में इस तरह के प्रकरण शून्य स्तर पर आ जाने चाहिए। राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के निर्देश देते हुए पुराने बकाया की वसूली में तेजी लाने को कहा।

आनन्दी ने विधानसभा प्रश्नों के तत्काल उत्तर तैयार कर भिजवाने के निर्देश दिए। परिवेश पोर्टल पर फॉर्म-2 अपलोड कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर नोटिस देने सहित सख्त कदम उठाएं ताकि समय पर ईसी जारी होने से इन खानों में खनन कार्य बंद न हो। उन्होंने ई-फाइलिंग, ई-डाक, ई-फाइल निष्पादन की चर्चा करते हुए निस्तारण समय को न्यूनतम स्तर पर लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के पब्लिक से जुड़े कार्यों को एण्ड टू एण्ड स्तर तक ऑनलाइन करने पर जोर दिया ताकि प्रकरणों का पारदर्शिता के साथ ही समय पर निस्तारण हो सके।

निदेशक माइंस भगवती प्रसाद कलाल ने माइनिंग प्लान अनुमोदन के बकाया विचाराधीन प्रकरणों का 15 दिवस में निष्पादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवेश पोर्टल पर फार्म 2 अपलोड करने में देरी करने वालों को नोटिस जारी किये जाये। इसी तरह से जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में होने वाली अंतर्विभागीय बैठकों में विभाग से संबंधित जिला स्तर पर अन्य विभागों में लंबित प्रकरणों पर चर्चा करें ताकि परस्पर समन्वय से प्रकरणों का निस्तारण हो सके। पर्यावरण स्वीकृति के लिए जनसुनवाई वाले प्रकरणों पर समन्वय बनाते हुए कार्रवाई करावें।