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April 12 2026 06:57 am

9 नहीं, पूरे 10 दिन मचेगी नवरात्रि की धूम! हाथी पर आएंगी मां, पर डोली में विदाई दे रही है एक चिंता का संकेत

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नई दिल्ली: तैयार हो जाइए, क्योंकि साल 2025 की शारदीय नवरात्रि एक नहीं, बल्कि दो-दो बड़े और दुर्लभ संयोग लेकर आ रही है. मां दुर्गा की भक्ति का यह महापर्व इस बार सिर्फ 9 दिनों का नहीं, बल्कि पूरे 10 दिनों का होगा. यह एक ऐसा शुभ संयोग है जो कई सालों में एक बार बनता है और भक्तों को माता की उपासना के लिए एक अतिरिक्त दिन देता है.

लेकिन इस खुशी के साथ एक चिंता का संकेत भी जुड़ा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का आगमन तो बेहद शुभ हाथी पर हो रहा है, जो सुख-समृद्धि का प्रतीक है. वहीं, उनकी विदाई डोली पर हो रही है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में एक अच्छा संकेत नहीं माना जाता है.

तो चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि इन दोनों संयोगों का देश और दुनिया पर क्या असर पड़ सकता है.

क्यों खास है 10 दिनों की नवरात्रि?

हिन्दू पंचांग के अनुसार, तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण कई बार नवरात्रि 8 या 10 दिन की हो जाती है. साल 2025 में, प्रतिपदा तिथि दो दिनों तक रहने के कारण, शारदीय नवरात्रि 10 दिनों तक मनाई जाएगी. इसे एक बेहद शुभ और मंगलकारी संयोग माना जाता है. भक्तों को मां दुर्गा की आराधना के लिए एक दिन अतिरिक्त मिलेगा, जो पुण्य कमाने का एक सुनहरा अवसर है.

हाथी पर आगमन: सुख, समृद्धि और वर्षा का संकेत

शास्त्रों में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग वाहन बताए गए हैं, जो सप्ताह के दिनों पर आधारित होते हैं. मां का वाहन ही आने वाले साल की भविष्यवाणी करता है.

"गजे च जलदा देवी..." इस श्लोक के अनुसार, जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है.

  • क्या है इसका मतलब?: हाथी पर मां का आगमन इस बात का संकेत है कि उस साल वर्षा बहुत अच्छी होगी. इससे किसानों की फसलें लहलहाएंगी, देश में अन्न-जल का भंडार भरेगा और चारों तरफ खुशहाली और संपन्नता आएगी. यह देश की उन्नति और प्रगति के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है.

डोली में विदाई: एक अशुभ संकेत?

आगमन की तरह ही, मां की विदाई का वाहन भी दिन के अनुसार तय होता है. इस बार मां की विदाई डोली पर हो रही है, जो एक अच्छा संकेत नहीं माना जाता.

  • क्या है इसका मतलब?: डोली पर मां की विदाई इस बात का इशारा करती है कि आने वाले समय में देश और दुनिया को कुछ बड़ी और कष्टकारी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है. यह राजनीतिक उथल-पुथल, सत्ता में बड़ा फेरबदल, महामारी, प्राकृतिक आपदा (जैसे बाढ़ या भूकंप) और जनता के लिए कष्टकारी समय का संकेत देता है. यह एक तरह से भविष्य के लिए सावधान रहने की चेतावनी है.

संक्षेप में, 2025 की नवरात्रि एक मिला-जुला संकेत दे रही है. जहां एक तरफ यह प्रकृति की कृपा और देश में भरपूर धन-धान्य का वादा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यह भविष्य की चुनौतियों के लिए सतर्क रहने का भी इशारा कर रही है.