8th Pay Commission: 18 हजार वाली सैलरी होगी 54 हजार? 'फैमिली यूनिट' के नए फॉर्मूले से केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी!
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के करीब 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि आयोग की रिपोर्ट तैयार होने में अभी समय है, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने एक ऐसी मांग उठा दी है जो अगर मान ली गई, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। यह पूरा खेल 'फैमिली यूनिट' (Family Unit Formula) के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जो वर्तमान वेतन ढांचे की नींव को पूरी तरह बदल सकता है।
क्या है 'फैमिली यूनिट' फॉर्मूला और क्यों हो रहा है बवाल?
दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी तय करने के लिए एक 'फैमिली यूनिट' को आधार माना जाता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत एक यूनिट में 3 सदस्य (कर्मचारी, जीवनसाथी और एक बच्चा) गिने जाते हैं। लेकिन कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि आज के दौर में यह गणना पूरी तरह अव्यावहारिक है।
संगठनों की मांग है कि एक फैमिली यूनिट में कम से कम 5 सदस्य (कर्मचारी, जीवनसाथी, दो बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता) होने चाहिए। शहरी जीवन की बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य पर होने वाले भारी खर्च को देखते हुए 3 सदस्यों का आधार अब पुराना हो चुका है।
3 से 5 यूनिट हुआ तो बदल जाएगा सैलरी का पूरा गणित
अगर सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो यह केवल सदस्यों की संख्या में बदलाव नहीं होगा, बल्कि इसका असर सीधे आपके बैंक अकाउंट पर पड़ेगा। गणितीय दृष्टिकोण से देखें तो 3 से 5 सदस्यों पर जाने का मतलब है परिवार की जरूरतों में सीधा 66% का इजाफा।
वर्तमान में प्रत्येक फैमिली यूनिट का खर्च कुल वेतन का करीब 33% माना जाता है। ऐसे में वेतन की गणना के लिए निम्नलिखित समीकरण का प्रभाव पड़ सकता है:
$$\text{नया वेतन} = \text{मौजूदा आधार} \times \left( 1 + \frac{66}{100} \right)$$
फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में 'महासुनामी'
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर $2.57$ रखा गया था। 8वें वेतन आयोग के लिए शुरुआती चर्चाओं में इसे $1.76$ माना जा रहा था। लेकिन अगर '5 फैमिली यूनिट' का फॉर्मूला लागू होता है, तो फिटमेंट फैक्टर $3.0$ के पार जा सकता है।
न्यूनतम वेतन: वर्तमान में न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है। 5 यूनिट फॉर्मूले के बाद यह बढ़कर ₹54,000 से भी अधिक हो सकती है।
सैलरी स्लैब पर असर: यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी अभी ₹78,800 है, तो वह नए फॉर्मूले और $3.09$ के ग्रॉस फिटमेंट फैक्टर के साथ ₹2,43,492 तक पहुंच सकती है।
2027 तक करना होगा इंतजार
हालांकि यह सब अभी प्रस्तावों और मांगों के स्तर पर है। जानकारों का मानना है कि 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सौंप सकता है, जिसके बाद ही सरकार इसे लागू करने पर अंतिम फैसला लेगी। सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) होगा, क्योंकि इतनी बड़ी सैलरी वृद्धि से खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। फिर भी, 1.2 करोड़ लोग इस उम्मीद में हैं कि इस बार उनकी जिम्मेदारी के हिसाब से उन्हें फल मिलेगा।