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April 17 2026 05:59 pm

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले न्यूनतम वेतन ₹69,000 और पुरानी पेंशन पर आई बड़ी रिपोर्ट

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News India Live, Digital Desk : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लिए तैयार की गई नई मांगों को सरकार की मंजूरी मिल जाती है, तो कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है। नेशनल काउंसिल (NC-JCM) की ड्राफ्ट कमेटी ने अपनी अंतिम सिफारिशें सौंप दी हैं, जिसमें 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले बदलावों का पूरा खाका पेश किया गया है। इन प्रस्तावों में बढ़ती महंगाई को देखते हुए बेसिक वेतन और पेंशन सुरक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।

न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 3.83 का फिटमेंट फैक्टर

इस मेमोरेंडम की सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम बेसिक वेतन को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की है। कमेटी ने इसके लिए 3.83 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया है। यदि इसे लागू किया जाता है, तो न केवल मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी बल्कि पेंशनभोगियों की पेंशन में भी भारी इजाफा होगा। कमेटी का आग्रह है कि इन संशोधनों को बिना किसी देरी के 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में प्रभावी किया जाए।

सालाना 6% इंक्रीमेंट और पे-मैट्रिक्स का सरलीकरण

कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को महंगाई के अनुरूप बनाए रखने के लिए सालाना 6% इंक्रीमेंट का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही, पे-स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की सिफारिश की गई है। ड्राफ्ट के मुताबिक, 7वें वेतन आयोग के मौजूदा 18 लेवल्स को घटाकर सिर्फ 7 बड़े पे-स्केल में समाहित करने का सुझाव दिया गया है। इससे प्रमोशन की प्रक्रिया सरल होगी और पे-मैट्रिक्स को समझना आसान हो जाएगा। नए ढांचे में मिड-लेवल कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹1.35 लाख से ₹2.15 लाख तक पहुंच सकती है।

पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली और प्रमोशन की गारंटी

पेंशन सुरक्षा को लेकर कमेटी ने बेहद कड़े रुख के साथ पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की है, विशेषकर उन कर्मचारियों के लिए जो 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए हैं। इसके अलावा:

पेंशन को अंतिम वेतन का 67% तय करने का प्रस्ताव है।

फैमिली पेंशन को 50% रखने की सिफारिश की गई है।

हर कर्मचारी को 30 साल की सेवा के दौरान कम से कम 5 प्रमोशन या वित्तीय अपग्रेड मिलना सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

भत्तों में सुधार और सोशल सिक्योरिटी का नया ढांचा

सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मेमोरेंडम में कई महत्वपूर्ण बदलाव सुझाए गए हैं:

HRA: हाउस रेंट अलाउंस को न्यूनतम 30% तक बढ़ाने का प्रस्ताव।

लीव: मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) को बढ़ाकर 240 दिन करने और लंबी पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) व पैरेंट केयर लीव जैसे नए प्रावधान।

बीमा व मुआवजा: ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर मुआवजे की राशि बढ़ाने और बीमा कवर में सुधार की मांग।

लीव एनकैशमेंट: इसकी मौजूदा सीमा को हटाने का सुझाव दिया गया है।