1 अप्रैल: मजाक का दिन और Gmail की सालगिरह, जानिए इस दिन का एक और खास मतलब

1 अप्रैल: मजाक का दिन और Gmail की सालगिरह, जानिए इस दिन का एक और खास मतलब
1 अप्रैल: मजाक का दिन और Gmail की सालगिरह, जानिए इस दिन का एक और खास मतलब

हर साल 1 अप्रैल को दुनियाभर में अप्रैल फूल डे मनाया जाता है। इस दिन लोग दोस्तों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के साथ हल्के-फुल्के मजाक करते हैं, जिसे आमतौर पर मनोरंजन और हंसी-मजाक के तौर पर लिया जाता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1 अप्रैल की तारीख सिर्फ मजाक करने के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया के एक बड़े बदलाव की शुरुआत का प्रतीक भी है?

दरअसल, इसी दिन Gmail की शुरुआत हुई थी। गूगल की इस ईमेल सर्विस ने कम्युनिकेशन के तरीके को पूरी तरह बदल कर रख दिया।

Gmail: एक नई क्रांति की शुरुआत

Gmail, गूगल द्वारा दी जाने वाली एक ईमेल सेवा है जो दुनियाभर में लाखों लोगों के लिए व्यक्तिगत और व्यावसायिक संचार का एक आधिकारिक माध्यम बन चुकी है। यह सेवा लगभग हर Android स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल होती है।

किसने बनाया Gmail?

Gmail को पॉल बुचहाइट, एक अमेरिकी कंप्यूटर इंजीनियर और उद्यमी ने विकसित किया था।

  • इसकी शुरुआत में इसे केवल गूगल के कर्मचारियों के लिए इस्तेमाल के तौर पर विकसित किया गया था।

  • इसके बाद इसे 1 अप्रैल 2004 को आम जनता के लिए बीटा वर्जन के रूप में लॉन्च किया गया।

  • यानी, Gmail की शुरुआत को आज 21 साल हो चुके हैं।

शुरुआती दौर और मोबाइल पर पहुंच

  • Gmail के बीटा वर्जन के साथ 1GB स्टोरेज दिया गया था, जो उस समय बेहद बड़ी सुविधा मानी जाती थी।

  • उस दौर में अधिकांश ईमेल सेवाएं इससे कहीं कम स्टोरेज देती थीं।

  • नवंबर 2006 में Gmail का मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया, जिससे लोग अब अपने मोबाइल फोन पर भी आसानी से ईमेल भेज और प्राप्त कर सकते थे।

इसके बाद Gmail ने लगातार नई सुविधाओं और बेहतर इंटरफेस के साथ खुद को विकसित किया और आज यह दुनियाभर में 1.8 अरब से अधिक यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है।