
रात में कभी-कभार नींद न आना आम बात हो सकती है, खासकर जब हम तनाव में हों। लेकिन यदि यह समस्या रोजाना बनी रहती है, तो यह अनिद्रा (इंसोम्निया) का संकेत हो सकता है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह सामने आया है कि रात को सोते समय मोबाइल या अन्य स्क्रीन का अधिक उपयोग अनिद्रा का खतरा 59 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।
यह अध्ययन नॉर्वे के नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा किया गया, जिसमें 18 से 28 वर्ष की उम्र के 45,202 युवाओं को शामिल किया गया।
क्या कहता है अध्ययन?
-
सोते वक्त स्क्रीन का उपयोग नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
-
इसके कारण नींद का समय औसतन 24 मिनट तक घट सकता है।
-
स्क्रीन पर क्या देखा जा रहा है (जैसे सोशल मीडिया या अन्य ऐप्स), इसका असर अपेक्षाकृत कम है; बल्कि स्क्रीन का उपयोग ही समस्या की जड़ है।
-
नींद की कमी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती है।
स्क्रीन क्यों कर रही है नींद खराब?
अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. गुन्हिल्ड जॉनसेन हेटलैंड के अनुसार,
“स्क्रीन का इस्तेमाल व्यक्ति के सोने के समय को घटाता है, जिससे शरीर और दिमाग को आराम नहीं मिल पाता। यह नींद के समय को बाधित करता है, न कि व्यक्ति को ज्यादा जगाता है।”
यदि किसी को सोने में कठिनाई हो रही हो और उन्हें संदेह हो कि यह समस्या स्क्रीन के कारण है, तो उन्हें बिस्तर पर मोबाइल या टैबलेट जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कम कर देना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर असर
रिसर्च में यह भी पाया गया कि स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग का असर मानसिक स्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन और समग्र स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। छात्रों में नींद की कमी के चलते एकाग्रता और पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव देखा गया।
डॉ. हेटलैंड ने सुझाव दिया कि सोने से 30 से 60 मिनट पहले स्क्रीन का उपयोग बंद कर देना चाहिए ताकि शरीर और दिमाग को विश्राम के लिए तैयार किया जा सके।
स्क्रीन और नींद का संबंध
यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि स्क्रीन का देर रात तक उपयोग नींद की गुणवत्ता और समय दोनों को प्रभावित करता है। हेटलैंड ने यह भी कहा कि इस विषय पर और अधिक वैश्विक शोध की आवश्यकता है ताकि स्क्रीन और नींद के बीच के संबंध को और गहराई से समझा जा सके।
एक अन्य अध्ययन में यह भी सामने आया है कि नींद की कमी से युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद हैं ये 5 गर्मी के फल, ब्लड शुगर नियंत्रण में रखते हैं सहायक