चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने उन आलोचनाओं को खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि CSK की क्रिकेट शैली अब पुरानी हो चुकी है। फ्लेमिंग ने जोर देकर कहा कि चेन्नई की टीम में आज भी आक्रामकता है, और कोई भी उन्हें हल्के में लेने की गलती न करे।
आरसीबी ने शुक्रवार को चेन्नई सुपर किंग्स को 50 रनों से हराकर 17 साल बाद चेपॉक में जीत दर्ज की। इस हार के बाद CSK के खेलने के तरीके पर सवाल उठने लगे।
फ्लेमिंग ने दिया करारा जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग से पूछा गया कि क्या CSK की खेल शैली अब पुरानी हो गई है, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा:
“इस सवाल का क्या मतलब है? हमारी क्रिकेट शैली क्या है? हम जीतने के लिए खेलते हैं, और यही सही तरीका है। हमारी टीम में आक्रामकता की कोई कमी नहीं है। सिर्फ इसलिए कि हम पहली ही गेंद से चौके-छक्के नहीं मारते, इसका मतलब यह नहीं कि हमारी शैली पुरानी हो गई है। हम सकारात्मक क्रिकेट खेलते हैं और कोई हमें हल्के में नहीं ले सकता।”
धोनी ने तोड़ा सुरेश रैना का रिकॉर्ड
इस मैच में एमएस धोनी (MS Dhoni) ने 16 गेंदों में नाबाद 30 रन बनाए और आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सुरेश रैना को पीछे छोड़ दिया।
फ्लेमिंग ने धोनी की बैटिंग को लेकर कहा, “धोनी पिछले एक महीने से अभ्यास कर रहे हैं और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन जब वह बल्लेबाजी के लिए आए, तब तक जीत हासिल करना बेहद मुश्किल हो चुका था।”
सीएसके की हार का कारण बनी खराब फील्डिंग
फ्लेमिंग ने स्वीकार किया कि सीएसके की हार का सबसे बड़ा कारण उनकी खराब फील्डिंग थी। उन्होंने कहा,
“हमने दो-तीन मौके गंवाए और आरसीबी को दबाव बनाने का मौका दे दिया। 175 का स्कोर आदर्श होता, लेकिन हमने फील्डिंग में गलतियां कीं, जिससे आरसीबी को अतिरिक्त रन मिले।”
ऋतुराज गायकवाड़ ने भी फील्डिंग को ठहराया जिम्मेदार
सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने भी हार का ठीकरा खराब फील्डिंग पर फोड़ा। उन्होंने कहा,
“इस पिच पर 170 का स्कोर सही होता, लेकिन हमने फालतू के 20 रन दे दिए, जिससे पावरप्ले में अलग रणनीति अपनानी पड़ी। हमने कैच टपकाए, और उनकी रनगति आखिरी ओवर तक धीमी नहीं हुई। हमें अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा।”