
वास्तु शास्त्र में घर के वातावरण और उसमें रखी वस्तुओं के प्रभाव को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। अगर हम कुछ सरल वास्तु नियमों और उपायों का पालन करें, तो न केवल घर से वास्तु दोष दूर हो सकते हैं, बल्कि सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि भी संभव हो जाती है। अक्सर छोटी-छोटी गलतियां हमारी खुशहाली में बाधा बन जाती हैं, इसलिए जरूरी है कि पहले उन्हें समझा जाए और फिर उनका समाधान किया जाए। आइए जानते हैं कुछ जरूरी वास्तु उपाय जो आपके घर में बरकत ला सकते हैं।
1. झाड़ू और पोछे का सही स्थान
वास्तु के अनुसार झाड़ू को कभी भी घर के मुख्य द्वार के सामने नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में दरिद्रता का वास हो सकता है। झाड़ू या पोछे का सामान यदि मुख्य द्वार के पास रखा जाता है, तो इससे घर के सदस्य बीमार रह सकते हैं और चिकित्सा पर अत्यधिक खर्च हो सकता है।
2. जूठे बर्तन का ध्यान रखें
खाना खाने के बाद जूठे बर्तनों को किचन या डाइनिंग टेबल पर लंबे समय तक छोड़ना, वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है। इससे न केवल मां लक्ष्मी रूठती हैं, बल्कि घर में दरिद्रता और कलह भी बढ़ सकती है। बर्तन हमेशा तुरंत धो दें और कोशिश करें कि रात भर जूठे बर्तन न छोड़ें, क्योंकि इससे पितृदोष भी उत्पन्न हो सकता है और घर का सुख-चैन बाधित हो सकता है।
3. घर में पौधों की उपस्थिति
घर के वास्तु को ठीक करने के लिए कुछ शुभ पौधे जरूर लगाएं। तुलसी का पौधा सबसे शुभ माना जाता है। इसे घर में उचित स्थान दें और प्रतिदिन उसकी पूजा करें। सुबह-शाम तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और माता लक्ष्मी का वास बना रहता है।
4. पूजा स्थल की स्वच्छता और ऊर्जा
घर के पूजा स्थल को हमेशा साफ-सुथरा रखें। रोजाना घी का दीपक जलाएं और शाम के समय कपूर से आरती करें। यह प्रक्रिया घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है। गंदा पूजा स्थान नकारात्मकता को आकर्षित करता है और सुख-शांति में बाधा बनता है।
5. जूते-चप्पल का व्यवस्थित स्थान
वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल को घर के भीतर बिखरा हुआ न रखें। इन्हें हमेशा एक तय स्थान पर और मुख्य द्वार के बाहर ही रखें। घर की चौखट को साफ-सुथरा रखना भी जरूरी है। जूते पहनकर बेडरूम में प्रवेश करना नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित कर सकता है और इससे घर का माहौल बिगड़ सकता है।