वक्फ संशोधन विधेयक 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार इस विधेयक को सबसे पहले लोकसभा में पेश करेगी। यह सत्र 4 अप्रैल तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- हम संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। संसद के बाहर इस विधेयक पर व्यापक चर्चा हुई है। हमें सदन में होने वाली चर्चाओं और बहसों में भी भाग लेना चाहिए।
वे वक्फ बिल के बारे में लोगों को गुमराह कर रहे हैं – किरेन रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वक्फ बिल को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को बोलने से पहले ध्यान से सोचना चाहिए।
कोई असंवैधानिक प्रावधान नहीं है – किरेन रिजिजू
उन्होंने कहा कि वक्फ आजादी से पहले भी अस्तित्व में था और इसमें सुधार आजादी से पहले ही किये गये थे। वक्फ विधेयक का जानबूझकर विरोध किया जा रहा है। यह विधेयक देश के लिए अच्छा विधेयक है। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों के एक वर्ग ने वक्फ संपत्ति पर कब्जा कर लिया है और इसलिए वे विरोध कर रहे हैं। वक्फ विधेयक में कोई असंवैधानिक प्रावधान नहीं है। सभी को एकजुट होकर इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए।
सरकार का दावा- भारत के इतिहास में अब तक का सबसे व्यापक परामर्श
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, सभी से अपील है कि सदन में चर्चा और बहस में हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि संसद के बाहर रिकॉर्ड संख्या में परामर्श और चर्चाएं हुई हैं। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में सबसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया और सर्वोच्च प्रतिनिधित्व का कीर्तिमान रखती है। रिजिजू ने कहा कि विधेयक तैयार है, वह सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करेंगे कि वे चर्चा में भाग लें और संसद में अपने विचार रखें। उन्होंने विपक्ष से गुमराह न होने की अपील की।
जेपीसी का गठन किया गया
संसद के पिछले सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था। विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच प्रस्तुत इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। वक्फ विधेयक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद जगदंबिका पाल के नेतृत्व में एक जेपीसी का गठन किया गया था।