बॉलीवुड को कई बेहतरीन फिल्में देने वाले राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी फ्लॉप फिल्म ‘राम गोपाल वर्मा की आग’ पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘शोले’ पर आधारित फिल्म क्यों बनाई और इसके लिए जीपी सिप्पी, अमिताभ बच्चन और कुछ अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
सिप्पी परिवार बनाना चाहता था ‘शोले’ का सीक्वल
राम गोपाल वर्मा ने बताया कि जीपी सिप्पी और साशा सिप्पी ‘शोले’ का सीक्वल बनाना चाहते थे। उन्हें एक दिन साशा सिप्पी का कॉल आया और बताया गया कि जीपी सिप्पी उनसे मिलना चाहते हैं। जब वर्मा उनसे मिलने पहुंचे, तो उन्हें ‘शोले 2’ की कहानी सुनाई गई, जिसमें गब्बर के बेटे का बदले की कहानी थी।
कैसी होती ‘शोले 2’ की कहानी?
इस सीक्वल की कहानी के अनुसार, महबूबा गाने के बाद हेलन का किरदार गब्बर के साथ रात बिताता है, जिससे गब्बर का एक बेटा पैदा होता है। अब गब्बर का बेटा अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहता है। कहानी में दिखाया जाता कि वीरू और बसंती, जय की विधवा राधा से मिलने जाते हैं, लेकिन गब्बर का बेटा उन्हें किडनैप कर लेता है। इसके बाद, बदला लेने के लिए उनका बेटा आता है।
जैकी चैन को भी कास्ट करना चाहते थे सिप्पी परिवार
राम गोपाल वर्मा ने खुलासा किया कि सिप्पी परिवार इस सीक्वल में जैकी चैन को भी कास्ट करना चाहता था। हालांकि, वर्मा को यह कहानी पसंद नहीं आई और उन्होंने इस फिल्म का हिस्सा बनने से मना कर दिया। इसके बाद, उन्होंने खुद ‘शोले’ का रीमेक बनाने का फैसला किया।
‘राम गोपाल वर्मा की आग’ और इसका क्रिएटिव ब्लॉक
राम गोपाल वर्मा ने कहा कि फिल्म बनाते समय उन्होंने क्रिएटिव ब्लॉक झेला और कई गलत निर्णय लिए, जो फिल्म के फ्लॉप होने की वजह बने। 2007 में रिलीज हुई ‘राम गोपाल वर्मा की आग’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही, और इसे अब तक की सबसे खराब रीमेक फिल्मों में गिना जाता है।
निर्देशक का मानना है कि अगर उन्होंने सही फैसले लिए होते, तो शायद ‘राम गोपाल वर्मा की आग’ एक बेहतरीन फिल्म बन सकती थी।