राजस्थान में 500 इलेक्ट्रिक बसों की दौड़: भीलवाड़ा समेत 8 शहरों में बदलेगा परिवहन का चेहरा

राजस्थान में 500 इलेक्ट्रिक बसों की दौड़: भीलवाड़ा समेत 8 शहरों में बदलेगा परिवहन का चेहरा
राजस्थान में 500 इलेक्ट्रिक बसों की दौड़: भीलवाड़ा समेत 8 शहरों में बदलेगा परिवहन का चेहरा

राजस्थान के यातायात सिस्टम में बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रदेश की टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा अब जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों की दौड़ में शामिल हो जाएगी। राज्य सरकार की योजना के तहत 500 इलेक्ट्रिक बसें राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों में दौड़ेंगी। इसके साथ ही भीलवाड़ा में बनने वाला नया सात मंजिला रोडवेज बस स्टैंड यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देगा और शहर के ट्रैफिक और पर्यावरण दोनों में सुधार लाएगा।

राज्य सरकार की पर्यावरण-फ्रेंडली पहल

राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक बस योजना के पहले चरण में इन 500 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल कर रही है। इस योजना का मकसद न केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाना है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाना भी है। जयपुर को इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 150 बसें मिलेंगी, जबकि उदयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, अलवर और भीलवाड़ा को 50-50 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी।

भीलवाड़ा का नया बस स्टैंड: एक मल्टी-फंक्शनल कॉम्प्लेक्स

भीलवाड़ा में बनने वाला नया सात मंजिला बस स्टैंड सिर्फ एक बस अड्डा नहीं होगा, बल्कि यह एक बहुउद्देशीय परिसर होगा। यहां यात्रियों के लिए होंगे:

  • 15 नए प्लेटफार्म
  • वर्कशॉप, स्टोर और एडमिन ब्लॉक
  • वीआईपी लॉन्ज और यात्री प्रतीक्षालय
  • लॉकर रूम और पेट्रोल पंप
  • बस स्टॉप्स और कमर्शियल स्पेस

यह प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर बनेगा, जिसमें गुजरात की एक एजेंसी निर्माण का कार्य देखेगी। इसका निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण के दौरान मौजूदा बस स्टैंड को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।

पेट्रोल पंप और अन्य सुविधाएं भी होंगी शामिल

बस स्टैंड के साथ-साथ सरकारी तेल कंपनियों की मदद से रोडवेज की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप और बस स्टॉप भी बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान ईंधन, सुविधा और आराम सब एक ही स्थान पर मिलेगा।

नए मॉडल को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) के निदेशक मंडल ने इस पूरे मॉडल को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। साथ ही रोडवेज स्टेशनों को निर्माण-संचालन-हस्तांतरण (BOT) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए सलाहकार सेवाओं की निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं।

राजस्थान में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तेज़ रफ्तार

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन पहले से ही तेज़ी से अपनाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के बाद अब ई-बसों की शुरुआत राजस्थान को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में आगे ले जाएगी। भीलवाड़ा में सुभाष नगर क्षेत्र में रिंग रोड के पास नया इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाया जा रहा है, जहां पर कार्य तेजी से चल रहा है।

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