
आज की दौड़ती-भागती जिंदगी में फिट रहना हर किसी की चाहत बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मिडल एज यानी 40 से 50 की उम्र के बीच कमर और कूल्हे के अनुपात (Waist-to-Hip Ratio) को सही रखना आपके सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग को भी तेज बना सकता है? जी हां, एक ताजा रिसर्च में वैज्ञानिकों ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड के डॉक्टरों ने करीब 1,200 लोगों के हेल्थ डेटा का कई सालों तक अध्ययन किया और यह पाया कि मिड एज में स्वस्थ खानपान और वजन नियंत्रण बुज़ुर्ग अवस्था में दिमाग को दुरुस्त रखने में मदद करता है।
दिमाग पर कैसे असर डालता है मोटापा?
इस रिसर्च में बताया गया है कि अगर व्यक्ति मिडल एज में अपने शरीर खासकर कमर और कूल्हे के अनुपात को संतुलित रखता है, तो उसके दिमाग का एक खास हिस्सा—हिप्पोकैम्पस—बेहतर तरीके से काम करता है।
हिप्पोकैम्पस वो हिस्सा है जो:
- याददाश्त को मजबूत करता है
- सीखने की क्षमता को बढ़ाता है
- निर्णय लेने में सहायता करता है
लेकिन जब वजन खासकर पेट के आसपास बढ़ जाता है, तो हिप्पोकैम्पस सिकुड़ने लगता है और याददाश्त कमजोर पड़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
भूलने की बीमारी से जुड़ता है बढ़ता पेट
रिसर्च के अनुसार जिन लोगों की उम्र 40-50 साल के आसपास थी और उनका वजन पेट के आसपास ज्यादा था, वे जब 70 की उम्र के करीब पहुंचे, तो उनमें:
- याददाश्त कमजोर पड़ने
- निर्णय लेने की क्षमता घटने
- और मानसिक स्पष्टता में गिरावट के लक्षण ज्यादा देखे गए।
दूसरी ओर, जिन लोगों ने मिडल एज में अपने वजन पर नियंत्रण रखा और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाई, उनके दिमागी स्वास्थ्य में बुढ़ापे तक काफी सुधार देखा गया।
इस रिसर्च में कौन-कौन शामिल था?
यह अध्ययन कई प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (ब्रिटेन)
- मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, लीपजिग (जर्मनी)
- यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूके)
- यूनिवर्सिटी ऑफ मोंपेलियर (फ्रांस)
- रैडबॉड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर, नाइमेजेन (नीदरलैंड)
- पेरिस सिटी यूनिवर्सिटी (फ्रांस)
इस शोध को JAMA Network Open, जो अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन का रिसर्च जर्नल है, में पब्लिश किया गया था।
क्या करें ताकि दिमाग रहे तेज?
अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे में भी आपका दिमाग उसी तरह शार्प रहे जैसे जवानी में, तो अभी से ये कुछ उपाय अपनाएं:
- कमर और कूल्हे का अनुपात संतुलित रखें – वर्कआउट करें, एक्टिव रहें।
- हेल्दी डाइट लें – हरी सब्जियां, फल, ओमेगा-3 से भरपूर चीजें खाएं।
- शक्कर और जंक फूड से दूरी बनाएं – ये चुपचाप पेट के आसपास फैट बढ़ाते हैं।
- नियमित नींद लें – दिमागी स्वास्थ्य के लिए नींद बेहद जरूरी है।
- मानसिक व्यायाम करें – पजल्स, किताबें, म्यूजिक और ध्यान से दिमाग को एक्टिव रखें।