भारतीय सेना को मिलेगी नई ताकत, 156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी

भारतीय सेना की क्षमता को और मजबूत करने के लिए कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) ने 156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस बड़े रक्षा सौदे की कुल लागत 62,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी, जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है।

इन हेलीकॉप्टरों का निर्माण कर्नाटक के बेंगलुरु और तुमकुर स्थित HAL प्लांट्स में किया जाएगा। रक्षा सूत्रों के अनुसार, 90 हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को और 66 भारतीय वायु सेना को मिलेंगे। ये हेलीकॉप्टर चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनाती के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसके साथ ही, यह सौदा देश में रक्षा क्षेत्र में रोजगार और एयरोस्पेस उद्योग के विस्तार में भी मदद करेगा।

आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा

HAL को पिछले साल जून में 156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों का टेंडर मिला था। इस परियोजना की प्रमुख एजेंसी भारतीय वायु सेना है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करने में लगी है।

इसके अलावा, सरकार ने 83 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के बाद 97 और एयरक्राफ्ट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए बातचीत पूरी हो चुकी है।

हाल ही में कैबिनेट सुरक्षा समिति ने 307 एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) की खरीद को भी मंजूरी दी थी। इस 7,000 करोड़ रुपये के सौदे का करार टाटा समूह और भारत फोर्ज जैसी कंपनियों के साथ इसी हफ्ते किया जाना है।

‘प्रचंड’ – दुनिया का सबसे एडवांस्ड अटैक हेलीकॉप्टर

LCH को ‘प्रचंड’ नाम से भी जाना जाता है। इसकी खासियत इसे दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर बनाती है, जो 5,000 मीटर (16,400 फीट) की ऊंचाई पर उतर और उड़ान भर सकता है।

यह सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आसानी से ऑपरेट कर सकता है।

🔹 एयर-टू-ग्राउंड और एयर-टू-एयर मिसाइलें दागने में सक्षम
🔹 दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर सकता है
🔹 बेहतर नेविगेशन और उन्नत हथियार प्रणाली से लैस

मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए, भारतीय सेना और वायुसेना में LCH ‘प्रचंड’ की उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।